देश

बघेल सरकार का प्लान रहा सफल तो छत्तीसगढ़ में हो जाएगा 81% आरक्षण, जनरल के हिस्से आएंगी सिर्फ...

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 21, 2022, 05:21 PM IST

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार आरक्षण में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है, अगर कांग्रेस सरकार का प्लान सफल रहा तो राज्य में जनरल वर्ग को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। राज्य सरकार आबादी के हिसाब से आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विधानसभा का सत्र भी बुला लिया गया है।

Image

छत्तीसगढ़ में आबादी के अनुपात के हिसाब से हो सकता है आरक्षण

Photo : PTI

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आरक्षण को लेकर एक बड़ा कदम उठाती दिख रही है। रिपोर्टों की मानें तो बघेल सरकार राज्य में आबादी के अनुपात के हिसाब से आरक्षण देने की तैयारी कर रही है, इसके लिए विधानसभा का सत्र भी बुला लिया गया है।

विधानसभा का स्पेशल सत्र

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने बुधवार को ही सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। राज्य में 1 और 2 दिसंबर को राज्य विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार यह सत्र आदिवासी कोटा के मुद्दे पर विचार-विमर्श करेगा। विशेष सत्र हाल ही में उच्च न्यायालय के एक फैसले के कारण उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के लिए बुलाया गया है, जिसमें आरक्षण की लिमिट 58 प्रतिशत तक करने के आदेश को रद्द कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा था कि 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण असंवैधानिक है।

किसे मिलेगा कितना आरक्षण

रिपोर्टों के मुताबिक, भूपेश बघेल सरकार एसटी के लिए 32% कोटा, एससी के लिए 12% कोटा और ओबीसी के लिए 27% रिजर्व पर विचार कर रही है। साथ ही EWS के लिए 10 प्रतिशत का कोटा भी इसमें रहेगा। इस तरह से कुल आरक्षण 81 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

सबसे ज्यादा घाटा जनरल को

सरकार अगर यह नियम लागू करने में सफल हो जाती है तो सबसे ज्यादा घाटा जनरल कोटे वालों को होगा। क्योंकि उसके हिस्से में सिर्फ 19 प्रतिशत सीटें ही आएंगी। इस 19 प्रतिशत में भी सिर्फ जनरल ही नहीं रहेगा, बल्कि उसके साथ-साथ सभी जातियां इसमें शामिल होंगी।

बघेल का क्या है कहना

सीएम बघेल ने बार-बार कहा है कि उनकी सरकार पूरी आबादी में विभिन्न समूहों के अनुपात के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विधेयक को पेश करने के अलावा, कांग्रेस सरकार केंद्र से छत्तीसगढ़ के आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध करने के लिए एक प्रस्ताव पेश कर सकती है, जिसमें केंद्रीय और राज्य के नियम शामिल हैं, जिन्हें अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article