Ram Temple : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य अपने अंतिम दौर से गुजर रहा है। इस निर्माण के बारे में मंदिर के मु्ख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जी महाराज ने ताजा जाकारी दी है। सत्येंद्र द्रास ने मंगलवार को बताया कि भव्य एवं दिव्य तरीके से राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। खासकर इसके सौंदर्य पर विशेष काम किया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर गर्भ गृह बनकर तैयार हो गया है। यहां दीवारों एवं शिलालेखों पर नक्काशी का काम हो रहा है।
पहला तल बनकर तैयार
मुख्य पुजारी ने आगे कहा कि दीवारों पर दरवाजे एवं खिड़कियां अभी लगने हैं। पहला तल बनकर तैयार है। राम मंदिर का सौंदर्य कुछ इस तरह बढ़ाया जा रहा है कि कोई अन्य मंदिर इसके जैसा न दिखे। 'त्रेता युग' कैसा था, लोग इस मंदिर को देखकर समझ सकेंगे। राम मंदिर में तीन तल होंगे और इसके ऊपर एक गुंबद होगा। मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य सही ढंग से चल रहे हैं।
राम लला के मूर्ति की ऊंचाई 51 इंच होगी
इससे पहले एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहे मिश्रा ने खुलासा किया कि मंदिर में हर वर्ष रामनवमी के दिन दोपहर बारह बजे सूर्य की किरणें श्रीराम की मूर्ति पर पड़ें, ऐसी व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि गर्भ गृह में दो मूर्तियां होंगी - एक चल और एक अचल... एक श्रीराम की बाल्यावस्था की और दूसरी रामलला की। मिश्रा ने कहा, "भगवान चार या पांच वर्ष की आयु के होंगे और मूर्ति की ऊंचाई 51 इंच होगी।"
प्राण-प्रतिष्ठा अगले वर्ष 22 जनवरी को होगी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के समारोह में लगभग दस हजार अति विशिष्ट आमंत्रित सदस्य होंगे, जिनमें राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े साधु-संत समाज के लोग और देश-विदेश व मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के जाने माने लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद प्रतिदिन लगभग सवा लाख दर्शनार्थियों के अयोध्या पहुंचने का अनुमान है। अयोध्या में राम मंदिर के पहले चरण का कार्य दिसंबर के अंत तक पूरा हो जाने का भरोसा जताते हुए मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा है कि श्रीराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा अगले वर्ष 22 जनवरी को होगी और 20 से 24 जनवरी के बीच किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इससे जुड़े समारोह में सम्मिलित होंगे।
