Chyawanprash in winterl: भारतीय आयुर्वेद में हर्बल दवाइयां इंसानों के इलाज में पुरातन काल से कारगर रही हैं। ऋषि- मुनियों ने आयुर्वेद को लेकर कई ग्रंथ भी लिखे हैं, जिनमें मानव इलाज की एक से बढ़कर एक पद्धतियों का उल्लेख किया गया है। एक है संपूर्ण स्वास्थ्य का रखवाला ‘च्यवनप्राश’। आयुर्वेद से जुड़े लोगों के मुताबिक च्यवनप्राश मानव शरीर के लिए सर्वोषधि का काम करता है।
इसके गुणों की तुलना में अन्य कोई औषधि इसके समक्ष नहीं ठहरती है। च्यवनप्राश खाने से हमारे शरीर में होने वाले फायदों की अगर बात करें तो शरीर का ऐसा कोई अंग नहीं है जिसे इससे लाभ ना हो। मगर उपभोक्तावाद के इस दौर में आजकल मार्केट में कई तरह से नकली च्यवनप्राश के उत्पादों की भरमार है। ऐसे में हमारे सामने सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर असली- नकली में फर्क कैसे करें। तो आइए आपको बताते हैं कि कैसे चुटकी बजाते ही करें नकली च्यवनप्राश की पहचान और गिनाते हैं असली च्यवनप्राश के फायदे।
ऐसे पहचानें डुप्लीकेट च्यवनप्राश
उपभोक्ता और विज्ञापनों के इस दौर में हर वस्तु की मांग बढ़ गई है। यही वजह है कि सर्दियों में च्यवनप्राश की मांग भी बाजार में तेजी से बढ़ती है। ऐसे में नकली उत्पाद बनाने वाले लोग कुछ मिलते - जुलते नामों वाले ब्रांड से नकली च्यवनप्राश बनाकर बेचने लग गए हैं। नकली की पहचान करना आसान है। इसके लिए सही तरीका है थोड़ा सा च्यवनप्राश लेकर उसे पानी में डालकर घोलने की कोशिश करें। अगर असली च्यवनप्राश है तो वह सतह में बैठ जाएगा। वहीं नकली है तो पानी में घुल जाएगा।
च्यवनप्राश एक, इसके फायदे अनेक
आयुर्वेद से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक च्यवनप्राश खाने से शरीर में इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। क्योंकि इसमें मौजूद आयुर्वेदिक औषधियां और विटामिन सी का मुख्य स्त्रोत आंवला होता जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के साथ काम कर रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। च्यवनप्राश में मौजूद रसायन द्रव्य शरीर की दूषित कोशिकाओं को बाहर निकाल बेजान कोशिकाओं को पुनः जीवित करता है। वहीं भागदौड़ वाली जिंदगी से होने वाली थकान, अनिद्रा और कमजोरी जैसे विकारों को खत्म करता है।
यादाश्त के लिए बेहतर विकल्प है च्यवनप्राश
च्यवनप्राश का सेवन करने से आपकी त्वचा पर भी साफ हो जाती है। वहीं ये झुर्रियां व दाग-धब्बे, आदि को दूर करता है। यह हृदय की धमनियों को मजबूत करता है, हार्ट के लिए रामबाण औषधि है। इसमें मौजूद जड़ी बूटियां ब्रेन को मजबूत करती हैं। अल्जाइमर रोग यानी, भूलने की बीमारी में च्यवनप्राश का सेवन करने ये यादाश्त की कमजोरी दूर होती है। इसके अलावा भी च्यवनप्राश कई तरह के रोगों को ठीक करने में कारगर है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
