दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर नौकरी दिलाने के नाम पर देश भर के युवाओं से ठगी करने वाले एक शातिर साइबर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नोएडा में छापेमारी कर गिरोह के मास्टरमाइंड, एक वेबसाइट डेवलपर और तीन महिला टेली-कॉलर्स समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापनों और फर्जी वेबसाइटों के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपना निशाना बनाते थे।
ठगी का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य नामी कंपनियों से मिलते-जुलते नामों, जैसे 'Bretish Airways' और 'Shankh Airways' से सोशल मीडिया पर विज्ञापन देते थे। आरोपी ऑनलाइन जॉब पोर्टल से नौकरी तलाशने वाले युवाओं का डेटा खरीदते थे। इसके बाद महिला टेली-कॉलर्स 'HR एग्जीक्यूटिव' बनकर उम्मीदवारों से संपर्क करती थीं। उम्मीदवार का विश्वास जीतने के लिए उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट और सीवी मंगवाए जाते थे। नौकरी की पक्की गारंटी के लिए "Future Wings Learning Institute" नामक संस्थान से 'एयरपोर्ट/एविएशन मैनेजमेंट' का डिप्लोमा होना अनिवार्य बताया जाता था। एडमिशन और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर UPI के जरिए 7,000 से 10,000 रुपये ऐंठे जाते थे और बदले में फर्जी एडमिशन स्लिप, NOC और जॉइनिंग लेटर भेज दिए जाते थे।
'1930' पर शिकायत के बाद बिछा जाल
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने "Bretish Airways" में नौकरी के विज्ञापन पर आवेदन किया और 'करिश्मा' नाम की महिला टेली-कॉलर के झांसे में आकर 7,000 ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित को ऐसी किसी एयरलाइन के न होने का पता चला और आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया, तो उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। 14 जुलाई को BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जब दिल्ली पुलिस ने IPDR, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और UPI ट्रेल की जांच की, तो लोकेशन नोएडा की मिली। इसके बाद 18 अगस्त को पुलिस ने नोएडा के एक किराए के दफ्तर में छापेमारी कर गिरोह को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में संदीप कुमार (23 वर्ष) जो इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है, पहले फर्जी एविएशन कंपनियों में टेली-कॉलर का काम कर चुका था। अखिल कुमार (27 वर्ष) संदीप का पार्टनर है, जो 50-50% पार्टनरशिप पर फर्जी कंपनी चला रहा था। राकेश कुमार (47 वर्ष) वेबसाइट डेवलपर है, जो आरोपियों के लिए फर्जी वेबसाइट्स तैयार करता था। इनके अलावा श्वेता, सपना और साक्षी की गिरफ्तारी हुई है, जो टेली-कॉलर्स हैं, ये HR बनकर उम्मीदवारों को झांसे में लेती थीं।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और 2 रजिस्टर जब्त किए हैं, जिनमें हजारों जॉब-सीकर्स (नौकरी चाहने वालों) का डेटा दर्ज था।
NCRP पोर्टल की जांच में इस गिरोह के खिलाफ अब तक 10 से अधिक शिकायतें लिंक पाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की कुल रकम का पता लगाया जा रहा है।
