हेल्थ

सिर्फ प्रोटीन नहीं, फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स भी जरूरी; जानिए क्यों चर्चा में है कृति सेनन का डेली हेल्थ रूटीन

बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने बताया कि उनकी रोजाना के हेल्थ और फिटनेस रूटीन में फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स शामिल हैं, जिन्हें वह पानी में मिलाकर लेती हैं।

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कृति सेनन डेली क्यों लेती हैं फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स (Photo: Kriti Sanon Instagram)

आज फिटनेस की दुनिया में लोग प्रोटीन की सबसे ज्यादा बात करते हैं। सेहत के लिए प्रोटीन को सबसे जरूरी मान लिया गया है, लेकिन एक्ट्रेस कृति सेनन (Kriti Sanon) ने हाल ही में अपनी डाइट को लेकर एक ऐसी बात कही, जिसने फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत पर ध्यान खींचा है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनकी रोजाना की सप्लीमेंट रूटीन में फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स शामिल हैं, जिन्हें वह पानी में मिलाकर लेती हैं। कृति सेनन का कहना है कि लोग प्रोटीन पर तो बहुत बात करते हैं, लेकिन फाइबर को अक्सर भूल जाते हैं।

फाइबर आखिर इतना जरूरी क्यों है?

फाइबर हमारे पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फाइबर पाचन, आंतों की सेहत और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इसलिए परफेक्ट डाइट वो है जिसमें प्रोटीन के साथ ही अलग-अलग पोषक तत्व भी हों।

विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ लोगों को फाइबर का बड़ा हिस्सा सप्लीमेंट के बजाय नेचुरल चीजों से लेना चाहिए। सब्जियां, फल, ओट्स, साबुत अनाज, बीन्स, दालें, चने, नट्स आदि इसके अच्छे स्रोत हैं। यानी रोज की थाली में मौजूद कई सामान्य चीजों के जरिए भी पर्याप्त फाइबर लिया जा सकता है।

इलेक्ट्रोलाइट्स की भूमिका भी समझिए

इलेक्ट्रोलाइट्स में मुख्य रूप से सोडियम और पोटैशियम जैसे खनिज शामिल होते हैं। ये शरीर में फ्लूड बैलेंस बनाए रखने के साथ नसों और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाते हैं। खासकर ज्यादा पसीना आने, लंबे समय तक या बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने जैसी परिस्थितियों में इनकी जरूरत बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्य दैनिक गतिविधियों के दौरान पानी आमतौर पर पर्याप्त होता है। इलेक्ट्रोलाइट्स हमें नारियल पानी, केला, संतरा, आलू, टमाटर, दही और दूसरे डेयरी उत्पादों जैसे खाद्य पदार्थों से भी मिल सकते हैं।

फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स साथ लेने से क्या फायदा?

फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स को एक साथ लिया जा सकता है। इससे शरीर को कई तरह से फायदा मिलता है। हालांकि ऐसा कोई विशेष प्रमाण नहीं है कि दोनों को मिलाकर लेने से एक-दूसरे का प्रभाव अपने आप बढ़ जाता है। तो कोई जरूरी नहीं कि आप भी कृति सेनन के इस रूटीन को अपने उपर लागू करें।

अगर कोई फाइबर सप्लीमेंट शुरू करता है तो उसे धीरे-धीरे मात्रा बढ़ानी चाहिए और पर्याप्त पानी पीना चाहिए। अचानक बहुत ज्यादा फाइबर लेने से गैस, पेट फूलना या कब्ज जैसी समस्या हो सकती है। फाइबर और इलेक्ट्रोलाइट्स को रोजमर्रा के भोजन से भी आसानी से जोड़ा जा सकता है। उदाहरण के लिए ओट्स के साथ केला और दही, फल के साथ चिया या अलसी के बीज और योगर्ट, या दाल-सब्जियों के साथ आलू या टमाटर जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं।

ध्यान रखें ये बात

एक जरूरी बात यह भी है कि ORS और सामान्य इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक को एक जैसा नहीं समझना चाहिए। ORS खासतौर पर डिहाइड्रेशन, जैसे दस्त के दौरान पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए बनाया जाता है। सामान्य एक्सरसाइज करने वाले व्यक्ति को हर दिन अपने फाइबर ड्रिंक में ORS जैसा फॉर्मूला जोड़ने की जरूरत नहीं है।

तो कुल मिलाकर अच्छी सेहत के लिए सिर्फ प्रोटीन पर फोकस करना पर्याप्त नहीं। फाइबर, पर्याप्त पानी, जरूरी खनिज और संतुलित भोजन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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