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UP Politics: पीएम मोदी ने जयंत चौधरी का 'दिल जीत लिया', भारत रत्न की घोषणा के बाद अब यूपी में भी होगा खेला?

Bharat Ratna: चौधरी चरण सिंह, नरसिम्हा राव और डा. स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये घोषणा की। जिसके बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकते हैं। पीएम मोदी का अनोखे अंदाज में आभार जताते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि 'दिल जीत लिया।' समझिए मायने।

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दादा को भारत रत्न मिलने पर जयंत चौधरी ने ऐसे जाहिर की खुशी।

Photo : Times Now Digital

Jayant Chaudhary Thank PM Modi: पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पी वी नरसिम्हा राव और मशहूर वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। इस घोषणा के तुरंत बाद जयंत चौधरी ने अनोखे अंदाज में पीएम मोदी का आभार जताया है। जयंत के ये तेवर अखिलेश यादव के लिए सिरदर्द साबित हो सकती है।

जयंत चौधरी के दादा को भारत रत्न, ऐसे जाहिर की खुशी

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने दादा को भारत रत्न मिलने को लेकर पीएम मोदी का अनोखे अंदाज में आभार जताया और एक्स पर लिखा, 'दिल जीत लिया।' उन्होंने इशारों-इशारों में अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन INDIA की टेंशन बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों से सियासी महकमे में ये चर्चा जोर पकड़ी हुई है कि जयंत भी ममता और नीतीश की तरह INDI गठबंधन को गच्चा देकर भाजपा के साथ आ सकते हैं, ऐसे में अब उनका ये पोस्ट इस दावे को और मजबूत कर रहा है।

शिवपाल यादव ने जयंत को लेकर किया ये बड़ा दावा

जयंत चौधरी के नेतृत्व वाले रालोद के यूपी में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने की अटकलों पर समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव कहते हैं, "मैं जयंत और उनके पिता को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं क्योंकि मैंने उनके साथ काम किया है। मुझे उम्मीद है कि जयंत किसानों के विरोध को कमजोर नहीं होने देंगे। वो कहीं नहीं जाएंगे हमें विश्वास है।'

पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न की घोषणा की

हालांकि शिवपाल के इस दावे के तुरंत बाद जयंत के तेवर बदले-बदले नजर आ गए। एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था।

पीएम मोदी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।'

यूपी में विपक्षी गठबंधन का अस्तित्व खतरे में

उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं, जो सरकार बनाने और गिराने में निर्णायक साबित होती हैं। ऐसे में सूबे की सियासी हलचल पर हर किसी की निगाहें टिकी हैं। क्या अब जयंत चौधरी भी विपक्षी दलों के गठबंधन और अखिलेश यादव को गच्चा देकर भाजपा के साथ चले जाते हैं या फिर तमाम अटकलों पर लगाम लगा देते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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