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I.N.D.I.A. में पड़ी फूट? सनातन पर विवादित बोल, विपक्षी गठबंधन में सिर फुटव्वल; समझिए सियासी मायने

Internal War In 'INDIA': उदयनिधि स्टालिन और ए राजा के बयान पर 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं में दो फाड़ होती नजर आ रही है। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने कहा है कि A राजा और स्टालिन INDIA को ‘टाइटैनिक’ बना देंगे। वहीं तेज प्रताप ने भी धर्म पर विवादित टिप्पणी को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

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विपक्ष के 'इंडिया' गठबंधन को कौन बना रहा है टाइटैनिक?

Sanatan Dharm Controversy Politics: विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस 'INDIA' की नैया राम भरोसे है। आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में कंधे से कंधा मिलाकर चुनाव लड़ने का वादा करने वाली पार्टियों में आपसी कलह तूल पकड़ती नजर आ रही है। इस बीच खुद कांग्रेस नेता ने ये दावा कर दिया है कि गठबंधन के साथी नेता ही इंडिया गठबंधन को टाइटैनिक जहाज बना देंगे।

'इंडिया' गठबंधन को कौन बना रहा है टाइटैनिक?

कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने कहा है कि A राजा और स्टालिन INDIA को ‘टाइटैनिक’ बना देंगे। गौर करने वाली बात ये है स्टालिन अपने बयान पर अड़े हुए हैं और कांग्रेस बार-बार ये बताने की कोशिश कर रही है कि इस तरह के विवाद से उसका कोई लेना देना नहीं हैं। मगर आखिर ऐसी क्या नौबत आन पड़ी कि कांग्रेस नेता को ही ये डर सताने लगा कि INDIA को 'टाइटैनिक' बनाया जा रहा है। आपको सबसे पहले उनके बयान के मायने समझाते हैं।

विपक्ष में सिर फुटव्वल के सियासी मायने समझिए

सनातन धर्म को डेंगू मलेरिया बीमारी बताने वाले उदयनिधि स्टालिन अपने स्टैंड पर कायम हैं, मगर कांग्रेस और कई विपक्षी पार्टियां इस तरह के विवाद को अपने गले नहीं पड़ने देना चाहती हैं। स्टालिन की ऐसी क्या मजबूरी थी, तो सनातन पर इतनी विवादित टिप्पणी कर दी जिसके चलते कांग्रेस समेत कई पार्टियां उनसे दूरी बना रही हैं और सफाई पेश कर रही हैं। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले तीन बड़े राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में कांग्रेस को ये समझ आ रहा है कि पार्टी अगर चुनाव में इस सनातन विरोधी सुर अलापने वाले नेता के साथ खड़े नजर आती है तो उसकी मुसीबत बढ़ सकती है। सिर फुटव्वल की स्थिति कई राज्यों में पैदा होती नजर आ रही हैं, आम आदमी पार्टी ने एमपी और राजस्थान कूच करने के साथ कांग्रेस की टेंशन बढ़ाई। अब सनातन पर छिड़े नए विवाद ने इंडिया गठबंधन को डमाडोल स्थिति में खड़ा कर दिया है।

'सभी को हर धर्म का सम्मान करना चाहिए'

तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म संबंधी टिप्पणी पर बिहार के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव का कहना है, 'केवल एक ही धर्म होना चाहिए, वह है मानवता। मानवता होनी चाहिए, सभी को हर धर्म का सम्मान करना चाहिए।' तेज प्रताप ने अपने बयान से ये इशारा कर दिया कि स्टालिन का बयान स्वीकार करने के योग्य नहीं है। उधर मोदी सरकार के कई मंत्रियों ने कांग्रेस पर हिंदू विरोधियों के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया है।

स्टालिन के बयान पर किस मंत्री ने क्या बोला?

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि 'यह एक हिंदू बहुल देश है और अगर आप उनके धर्म का अपमान करेंगे तो लोग आपको माफ नहीं करेंगे। अगर आपमें हिम्मत है तो इस्लाम के बारे में कुछ कहें...' वहीं केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का कहना है, 'यह भारत की खासियत है कि हम अस्तित्व को चुनौती नहीं देते। हम इसे स्वीकार करते हैं और इसका पालन करते हैं। जो लोग ऐसे बयान देते हैं वो दुर्भाग्यपूर्ण है।'

'सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान'

'सनातन धर्म' विवाद पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, 'राहुल गांधी की इस 'नफरत की दुकान' में 'घमंडिया' गठबंधन के सदस्य 'नफरत का सामान' बेच रहे हैं। वे 'सनातन धर्म' को अपमानित कर रहे हैं। कहां सो रहे हैं राहुल गांधी? जागो... क्या आप इन बयानों से सहमत हैं? क्या यह कानून और संविधान का उल्लंघन नहीं है? क्या यह नफरत फैलाने वाला भाषण नहीं है? क्या उन्हें देश की जनता से माफी नहीं मांगनी चाहिए? मुझे एक बात स्पष्ट कर देनी चाहिए 'सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान'।

वहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि 'जिन लोगों ने 'सनातन धर्म' के बारे में, भारत की संस्कृति और सभ्यता के बारे में ऐसी टिप्पणियां कीं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। देश और सभी भारतीयों को इस तरह के बयानों से घृणा होती है और मुझे लगता है कि वे जनता के सामने जवाब देना होगा।'

कांग्रेस ने ए राजा की टिप्पणी से असहमति जताई

कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता ए राजा की सनातन धर्म से संबंधित कथित विवादित टिप्पणी से असहमति जताते हुए कहा कि वह सर्वधर्म समभाव में विश्वास करती है और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सभी घटक दल सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। लोकसभा सदस्य राजा ने सनातन धर्म की तुलना कथित तौर पर एचआईवी और कुष्ट रोग से की है। इससे पहले, उनकी ही पार्टी के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म के बारे में विवादित बयान दिया था।

‘इंडिया’ का हर घटक धर्मों का सम्मान करता है?

द्रमुक सांसद राजा की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, 'हम स्पष्ट रूप से पहले भी कह चुके हैं और फिर दोहरा रहे हैं कि हम इस तरह की टिप्पणियों के साथ नहीं हैं। कांग्रेस का हर धर्म और सोच को साथ लेकर चलने का इतिहास रहा है। हम सर्वधर्म समभाव में विश्वास करते हैं। कांग्रेस समझती है कि यह देश सतरंगी देश है जहां सबका एक स्थान है। किसी को कम दिखाना और किसी को ज्यादा दिखाना, न तो संविधान इसकी अनुमति देता है, न ही कांग्रेस की ऐसी परंपरा है। इसलिए हम ऐसी टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं।' उनका कहना था, 'अगर आप कांग्रेस का इतिहास जानते होंगे तो यह जरूर मानेंगे कि हमने हमेशा यही रुख रखा है। यही सिद्धांत संविधान सभा की चर्चा में था और संविधान में भी यही निहित है।' खेड़ा ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का हर घटक सभी धर्मों का सम्मान करता है।

कांग्रेस का ये दावा कितना सच्चा है इसे समझिए

उदयनिधि स्टालिन हैं कि अपने बयान पर कायम हैं, मगर विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं ने उनके बयान से दूरी बना ली है। वहीं कांग्रेस ने अपना स्टैंड क्लीयर कर दिया कि गठबंधन सभी धर्मों का सम्मान करता है। अगर ऐसा सच है तो ए राजा और उदयनिधि के बयान पर आपत्ति जताने और निंदा करने के बजाय सफाई क्यों दी जा रही है। क्या वाकई विपक्षी गठबंधन में एकजुटता है या फिर इसे बचाने की कोशिशें की जा रही हैं।

उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म पर स्थिति की स्पष्ट

सनातन धर्म पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में आए तमिलनाडु के खेल और युवा मामलों के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति के बारे में डीएमके कैडरों को चार पन्नों का एक खुला पत्र लिखा है। द्रविड़ समानता के अपने रुख पर कायम रहते हुए, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने कहा, 'डीएमके किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है।' बता दें, उदयनिधि स्टालिन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था कि सनातन धर्म को "मच्छर, डेंगू, मलेरिया और कोरोना की तरह ही खत्म करना होगा।" उनके इसी बयान के बाद सियासी बवाल शुरू हुआ।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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