Gujarat Elections 2022: गुजरात में अगले महीने दो चरणों में होने वाले मतदान (Voting) के लिए सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियान में व्यस्त हैं। नेता तमाम लोक- लुभावन वायदे कर रहे हैं। ऐसे में आंचेली और नवसारी (Navsari) विधानसभा क्षेत्र के 17 गांव ऐसे हैं जहां के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने और भाजपा नेताओं सहित राजनीतिक दलों के नेताओं के गांव में आने पर प्रतिबंध लगाने वाले बैनर लटकाए हैं। उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि आंचेली रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों (Local Train) को रोकने की उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।
लोगों की मांग
आंचेली रेलवे स्टेशन के पास और गांवों के इलाकों में लगे बैनरों में लिखा है, 'ट्रेन नहीं तो वोट नहीं। बीजेपी या अन्य राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के लिए नहीं आना चाहिए। हम चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं।' हितेश नायक नायक नाम के एक शख्स ने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'यहां के निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम 18 गांवों के लोगों ने इस चुनाव का बहिष्कार किया है। उनकी मांग यहां ट्रेन के स्टॉपेज की है जो कोविड 19 से पहले यहां रुकती थी। लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जो नियमित यात्री हैं, वे मजबूर निजी वाहन लेने को मजबूर हैं और उन्हें प्रति दिन लगभग 300 रुपये खर्च करने करने पड़ रहे हैं।'
पहले रूकती थी ट्रेन
कॉलेज की एक छात्रा प्राची पटेल ने कहा कि इस मुद्दे के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि उन्हें सुबह अपना एक लेक्चर छोड़ना पड़ा था। जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (ZRUCC) के सदस्य छोटूभाई पाटिल ने कहा कि कोई भी संबंधित लोग इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। छोटूभाई ने बताय, 'एक स्थानीय यात्री ट्रेन 1966 से यहां रुकती थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे रोक दिया गया था। फिर से शुरू होने के बाद, यह हमारे स्टेशन पर यह नहीं रुकती है। कम से कम 19 गांवों के लोग अपनी नौकरी और दिहाड़ी कमाने के लिए यहां से अप-डाउन करते हैं।'दो चरणों में मतदान
उन्होंने बताया, 'वे दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। हम नई की मांग नहीं कर रहे हैं। हम बस वही ट्रेन चाहते हैं, लेकिन फिर भी, स्थानीय प्रशासक या प्रतिनिधि जवाब नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को बगैर वोट दिए वापस भेजने का फैसला किया है।' उन्होंने कहा, 'हमने इस विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है और हम ईवीएम को खाली भेज देंगे।' चुनाव 1 और 5 दिसंबर को दो चरणों में होंगे। मतों की गिनती 8 दिसंबर को होगी।
