UPSC VS IIT, World Most Toughest Exam: आईआईटी जेईई और यूपीएससी सीएसई देश की सबसे प्रतिष्ठित व कठिन परीक्षाओं में से (UPSC VS IIT) एक है। प्रत्येक वर्ष 9 से 10 लाख अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में भाग लेते हैं। हालांकि सेलेक्शन महज कुछ ही अभ्यर्थियों (UPSC VS IIT Which Is Tough) काहोता है। दुनिया में सबसे कठिन परीक्षा की लिस्ट में इन परीक्षाओं का नाम (UPSC VS IIT Which Is Better) शामिल है। लेकिन हाल ही में दिग्गज भारतीय उद्योगपति और महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा के एक ट्वीट के बाद UPSC VS IIT JEE के कठिनाई के स्तर को लेकर बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग दोनों परीक्षाओं को लेकर अपना-अपना अनुभव साझा कर रहे हैं।
World Most Toughest Exam: दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा
बता दें 26 अक्टूबर 2023 को जारी द वर्ल्ड रैंकिंग के अनुसार दुनिया की 10 सबसे कठिन परीक्षाओं की लिस्ट में ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम यानी आईआईटी जेईई दूसरे स्थान पर है। इस परीक्षा को क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थी देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं। जबकि तीसरे स्थान पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा है। वहीं हाल ही में आनंद महिंद्रा ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर अक्टूबर 2023 की रैंकिंग साझा करते हुए कहा कि, यूपीएससी की परीक्षा आईआईटी जेईई से काफी कठिन है। इस स्थिति में रैंकिंग को बदलने की जरूरत है।UPSC VS IIT: रैंकिंग बदलने की सलाह
12th फेल आईपीएस मनोज शर्मा की कहानी ने काफी लोगों को प्रभावित किया है। यह उन लाखों युवाओं की कहानी है, जो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत व संघर्ष करते हैं। यह फिल्म देखने के बाद आनंद महिंद्रा ने अपने सोशल मीडिया पर दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं की लिस्ट साझा करते हुए रैंकिंग में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, 12वीं फेल देखने के बाद मैंने आसपास देखा और परीक्षा के कठिनाई को लेकर युवाओं से बात की। उसमें से एक आईआईटी से ग्रेजुएट था, साथ ही वह यूपीएससी की परीक्षा भी दे चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि, अगर यह आम धारणा है तो इस रैंकिंग में बदलाव करने की जरूरत है।UPSC VS IIT Which is Tough: आईपीएस अर्चित चांडक ने UPSC को बताया कठिन
आनंद महिंद्रा के इस ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। साल 2018 बैच के आईपीएस ऑफिसर अर्चित चांडक ने रिप्लाई करते हुए कहा कि, सर दोनों देने के बाद कह सकता हूं कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को पास करना आईआईटी से ज्यादा कठिन है। साथ ही उन्होंने इसकी वजह भी बताई। अर्चित ने कहा कि, यहां बहुत कम सीटें होती हैं, जबकि 1000 से ऊपर रैंक आपको आसानी से आईआईटी में सीट दिला सकता है। यूपीएससी में लगातार परीक्षा का पैटर्न, प्रश्न का प्रारूप बदलता रहता है। यहां आपकी कड़ी मेहनत व संघर्ष ही आपको सफलता दिला सकता है।पूर्व आईएएस ऑफिसर केबीएस सिद्धू ने ट्वीट कर लिखा कि, यह एक धारणा नहीं है बल्कि वास्तविकता है।
डी प्रशांत नायर ने रिप्लाई कर अपने विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है। इसके दो तथ्य हैं पहला आईआईटी जेईई स्नातक स्तर की परीक्षा होती है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों की तुलना में कम उम्र के होते हैं। यूपीएससी किसी की पसंद का क्षेत्र है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में टॉप 10 में भारत की तीन परीक्षाएं शामिल हैं।
