Baghpat School Closed: सावन के पवित्र महीने में शुरू हुई कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों कांवड़ियों की भारी भीड़ और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन के कारण प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मेरठ और गाजियाबाद के बाद अब बागपत जिले में भी 12 अगस्त तक सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, यह फैसला कांवड़ यात्रा के दौरान स्कूली छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए लिया गया है।
बागपत में 3 से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे सभी स्कूल
कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण बागपत प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजामात किए हैं। कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट अस्मिता लाल के निर्देशों पर जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बागपत में 3 अगस्त से 12 अगस्त तक कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, प्राइवेट और मान्यता प्राप्त स्कूल पूरी तरह बंद (School Closed) रहेंगे। इस आदेश के साथ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसका उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय खुद व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - यूपी के 3 जिलों में 12 अगस्त तक बंद रहेंगे स्कूल, कांवड़ यात्रा को देखते हुए लिया गया फैसला
मेरठ और गाजियाबाद में स्कूल बंद
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मेरठ और गाजियाबाद जिला प्रशासन द्वारा भी स्कूल बंद करने का ऐलान किया गया है। मेरठ में 3 अगस्त से 12 अगस्त तक कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों के साथ-साथ सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान बंद रहेंगे। जबकि गाजियाबाद में 4 अगस्त से 12 अगस्त तक के लिए छुट्टियों का ऐलान किया गया है। इसमें 12वीं तक स्कूलों के साथ सभी उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें -Bihar BEd CET 4th Allotment List 2026: चौथे राउंड का कॉलेज अलॉटमेंट लेटर जारी, ऐसे करें डाउनलोड और जानें फीस जमा करने की अंतिम तिथि
परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा असर
मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थानों में पहले से तय और घोषित परीक्षाएं अपने निर्धारित टाइम-टेबल के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को इस बंदी से छूट दी गई है।
