आपको शायद ही पता होगा कि 1964 से पहले बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था। लेकिन जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद, संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) ने 14 नवंबर को बाल दिवस मनाने की घोषणा की। इस दिन से प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस यानी चिल्ड्रंस डे (Childrens Day 2022) मनाया जाता है। बाल दिवस मनाने का उद्देश्य बच्चों के अधिकार, देखभाल व शिक्षा के प्रति माता पिता व समाज को जागरूक करना है।
बाल दिवस के अवसर पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित (Childrens Day Speech For Students) किए जाते हैं। ऐसे में यदि आप भी बाल दिवस पर स्पीच देने जा रहे हैं, तो यहां हम आपको चिल्ड्रंस डे स्पीच को दमदार बनाने का शानदार तरीका बताएंगे। इस अंदाज में स्पीच देकर आप लोगों को अपना दीवाना बना सकते हैं।
कुछ इस तरह बनाएं भाषण को दमदार
यदि आप चाहते हैं कि मंच पर चढ़ने से पहले आपका नाम सुनते ही तालियों की गड़गड़ाहट से मंच संचालक की आवाज दब जाए और आपके नाम का शोर पूरे स्टेडियम में गूंज उठे, तो भाषण की शुरूआत बाल दिवस पर शानदार कविता या शायरी से करें। इसके लिए मंच पर चढ़ते ही बच्चों पर दमादर कविता या शायरी से सभागार में बैठे लोगों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दें। इसके बाद मंच पर उपस्थित प्रधानाचार्य महोदय, विशेष अतिथिगण व श्रोताओं का अभिवादन करें और बेहिचक अपनी स्पीच को लोगों के सामने पेश करें। नीचे दिए इस पंक्ति के साथ आप अपनी स्पीच की शुरुआत कर सकते हैं।
- ये दौलत भी ले लो ये शौहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी,
मगर मुझको लौटा दो वो बचपन का सावन, वो कागज की कश्ती
और वो बारिश का पानी , वो बारिश का पानी
- आज का दिन है बच्चों का,
कोमल मन और कच्ची कलियों का,
मन के सच्चे यह प्यारे बच्चे,
चाचा नेहरू को हैं प्यारे बच्चे
बाल दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
बाल दिवस पर सबसे सरल और जबरदस्त स्पीच
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सम्मानित अतिथिगण, शिक्षकगण व मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज हम सभी लोग बाल दिवस के अवसर पर यहां एक साथ एकत्रित हुए हैं। प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस यानी चिल्ड्रंस डे मनाया जाता है। इस दिन भारत क पहले प्रधानमंत्री पंडित जवार लाल नेहरू का जन्म हुआ था। जवाहर लाल नेहरू को बच्चों से बेहद लगाव था, वह बच्चों से काफी प्यार करते थे। वहीं बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे।
आपको शायद ही पता होगा कि 1964 से पहले बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था, लेकिन साल 1964 में जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद, बच्चों के प्रति उनके आदर स्वभाव व प्यार को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 14 नवंबर को चिल्ड्रंस डे मनाने की घोषणा की। भाषण के बीच अपने बचपन से जुड़ी किसी घटना का जिक्र करें, इससे आपके भाषण के प्रति लोगों की दिलचस्पी बनी रहेगी।
कविता या शायरी से करें भाषण का अंत
बता दें जिस प्रकार दाल में घी का तड़का दे दिया जाए, तो उसका स्वाद मजेदार हो जाता है। ठीक उसी प्रकार यदि भाषण मे शायरी व कविताओं का मसाला लग जाए, तो श्रोताओं के चेहरे पर एक अलग ही तेज उत्पन्न हो जाता है और आपके भाषण के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। नीचे दिए इस कविता या शायरी से करें भाषण का अंत।
- बच्चों के छोटे हाथों को चांद सितारे छूने दो
चार किताबें पढ़कर ये भी हम जैसे ही हो जाएंगे।
- अब तक हमारी उम्र का बचपन नहीं आया
घर से चले थे जेब के पैसे गिरा दिए।
इस शायरी का उल्लेख करते समय आपके आवाज में जोश होना चाहिए ताकि सभागार में उपस्थित लोग अपनी कुर्सी से खड़े होकर ताली बजाने के लिए मजबूर हो जाएं। इस तरह आप अपने स्पीच को दमदार और दूसरों से अलग बना सकते हैं।
