एजुकेशन

CIC ने UPSC को दिया निर्देश, खुद वेबसाइट पर जारी करें मेरिट लिस्ट और उम्मीदवारों के मार्क्स

सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए CIC ने UPSC को खुद अपनी वेबसाइट पर कैटेगरी-वाइज मेरिट लिस्ट, उम्मीदवारों के नाम और मार्क्स जारी करने के निर्देश दिए हैं।

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UPSC

देश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को और बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय सूचना आयोग यानी CIC ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। CIC ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को एक कड़ा सुझाव दिया है कि वह अपनी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कैटेगरी-वाइज मेरिट लिस्ट, मार्क्स और सफल हुए उम्मीदवारों के नाम खुद ही सार्वजनिक करे। CIC का मानना है कि नियुक्ति प्रक्रियाओं में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसी पारदर्शिता बहुत जरूरी है।

एक उम्मीदवार की अपील पर दिया यह फैसला

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन ने यह बड़ा निर्देश एक उम्मीदवार द्वारा दायर की गई अपील की सुनवाई करते हुए दिया। दरअसल, अपील दायर करने वाले इस उम्मीदवार ने दिल्ली सरकार के प्लानिंग डिपार्टमेंट में डिप्टी डायरेक्टर (प्लानिंग/स्टैटिस्टिक्स) के पद के लिए आयोजित परीक्षा के बाद अपने इंटरव्यू के मार्क्स और वेटिंग लिस्ट की जानकारी मांगी थी। इसी मामले पर फैसला सुनाते हुए सूचना आयुक्त जया वर्मा सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब बात किसी भी सरकारी नियुक्ति या भर्ती की हो, तो वहां पारदर्शिता होना सबसे जरूरी है। उन्होंने आरटीआई एक्ट की धारा 25(5) का हवाला देते हुए UPSC को सलाह दी कि भर्ती प्रक्रिया के हर चरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

वेबसाइट पर पब्लिश होगी ये जानकारियां

किसी भी नागरिक को अपनी ही परीक्षा की जानकारी पाने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) कानून का कम से कम इस्तेमाल करना पड़े, इस पर जोर देते हुए सीआईसी ने यूपीएससी को अपनी वेबसाइट पर निम्नलिखित विवरण खुद से पब्लिश करने की सिफारिश की है।

- वेबसाइट पर चुने गए सभी उम्मीदवारों के नाम।

- कैटेगरी के हिसाब से पूरी मेरिट लिस्ट (जिसमें पहले सामान्य/अनरिजर्व्ड कैटेगरी और उसके बाद सभी आरक्षित श्रेणियों जैसे SC, ST, OBC, PwD के उम्मीदवारों के नाम और उनके मार्क्स स्पष्ट रूप से दर्ज हों)।

- वर्तमान और बैकलॉग वैकेंसी के अनुसार पदों को भरने का पूरा क्रम।

गलत जवाब देने पर UPSC को लगाई फटकार

इस मामले की सुनवाई के दौरान सीआईसी ने RTI का गलत जवाब देने के लिए यूपीएससी को कड़ी फटकार भी लगाई। शुरुआत में अधिकारियों ने अपीलकर्ता को उसके इंटरव्यू के नंबर देने से सिर्फ इस वजह मना कर दिया था कि क्योंकि उन्होंने गलती से इस उम्मीदवार की रिक्वेस्ट को किसी अन्य ऐसे कैंडिडेट से जोड़ दिया था जिसका मामला कोर्ट में पेंडिंग था। कमीशन ने अपने ऑर्डर में साफ कहा कि आरटीआई जैसे संवेदनशील कानून के तहत जवाब देते समय ऐसी बड़ी और लापरवाही गलतियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इसके साथ ही, केवल 'गोपनीय' शब्द का बहाना बनाकर वेटिंग लिस्ट की जानकारी न देने के रवैये को भी सीआईसी ने गलत ठहराया। सीआईसी ने सेंट्रल पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर (CPIO) को निर्देश दिया है कि वे अपील करने वाले उम्मीदवार को मांगी गई सभी जरूरी जानकारियां उसे तुरंत उपलब्ध कराएं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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