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फिटनेस और घूमने का परफेक्ट कॉम्बो, अपने अगले वेकेशन को ऐसे बनाएं 'रन-केशन'

ट्रैवल के इस नए ट्रेंड को देखे तो साफ कहा जा सकता है कि रन-केशन सेहत, रोमांच और घूमना-फिरने, तीनों का बेहतरीन संगम है।

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जानिए क्या है रन-केशन और क्यों तेजी से फैल रहा है ये ट्रेंड (Photo: iStock)

बहुत से लोगों के लिए घूमने-फिरने का मतलब सिर्फ किसी सुंदर जगह पर आराम करना या वहां के नजारे का मजा लेना है। अगर आप भी कुछ ऐसा ही सोचते हैं तो अब समय आ गया है कि आप अपनी सोच बदलें। ट्रैवल और फिटनेस इंडस्ट्री में इन दिनों एक नया और अनोखा ट्रेंड तेजी से उभरा है। इसे 'रन-केशन' (Run-cation) नाम दिया गया है।

ट्रैवल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आज बड़ी संख्या में लोग सिर्फ सैर-सपाटे के मकसद से विदेश नहीं जा रहे। ये लोग वहां होने वाली मैराथन और हाफ-मैराथन में हिस्सा लेने के साथ-साथ घूमने की योजना बना रहे हैं। यह ट्रेंड फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता और नए अनुभवों को जीने की चाहत का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन बनकर उभरा है।

क्या है रन-केशन?

रन-केशन शब्द 'रनिंग' और 'वेकेशन' को मिलाकर बना है। इसका सीधा मतलब है किसी नए शहर या देश में आयोजित होने वाली मैराथन रेस के लिए यात्रा करना और रेस पूरी करने के बाद वहां पर्यटक के रूप में छुट्टियां बिताना। बर्लिन, पेरिस, टोक्यो, न्यूयॉर्क और लंदन जैसी अंतरराष्ट्रीय मैराथन्स इसके लिए पहली पसंद बनी हुई हैं।

क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज?

आज के ट्रैवलर्स अब केवल साधारण टूरिस्ट बनकर नहीं घूमना चाहते; वे 'एक्सपीरिएंशियल ट्रैवल' यानी अनुभवों से भरी यात्राओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अनूठा अनुभव: किसी अनजान विदेशी शहर की सड़कों पर हजारों धावकों के साथ दौड़ना और स्थानीय लोगों द्वारा किया जाने वाला उत्साहवर्धन एक अविस्मरणीय अहसास देता है।

अनुशासित फिटनेस: रन-केशन की वजह से लोग महीनों पहले से ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं, जिससे यात्रा के दौरान भी उनकी सेहत और फिटनेस बनी रहती है।

पर्सनल अचीवमेंट: मैराथन फिनिशर मेडल हासिल करने के बाद छुट्टियों का आनंद लेने का मजा ही कुछ और होता है। यह एक अलग तरह की संतुष्टि देता है।

इकोनॉमी और टूरिज्म को मिल रहा बढ़ावा

रन-केशन का यह ट्रेंड वैश्विक पर्यटन उद्योग के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है। मैराथन इवेंट्स के दौरान एयरलाइंस, होटल्स, लोकल रेस्टोरेंट्स और टूर गाइड बिजनेस में भारी उछाल आता है। धावक अक्सर अकेले यात्रा नहीं करते; वे अपने साथ परिवार या दोस्तों को भी ले जाते हैं, जिससे वहां के स्थानीय बाजार को बहुत सहयोग मिलता है।

रन-केशन प्लान करते समय ध्यान रखने ये बातें

अगर आप भी अपनी अगली विदेश यात्रा को एक 'रन-केशन' में बदलना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:

समय से रजिस्ट्रेशन और बुकिंग: अंतरराष्ट्रीय मैराथन्स के टिकट महीनों पहले बिक जाते हैं, इसलिए रेस रजिस्ट्रेशन, वीजा और फ्लाइट्स की बुकिंग काफी पहले कर लें।

मौसम और रूट की जानकारी: जिस देश में आप जा रहे हैं, वहां के मौसम और रेस के ट्रैक को समझें ताकि आप उसी अनुसार तैयारी कर सकें।

रेस के बाद आराम का समय: मैराथन खत्म होने के तुरंत बाद बहुत ज्यादा पैदल चलने वाले टूर न रखें। रेस के बाद 1-2 दिन शरीर को रिकवर करने का समय दें और फिर शहर घूमने निकलें।

कुल मिलाकर ट्रैवल के इस नए ट्रेंड को देखे तो साफ कहा जा सकता है कि रन-केशन सेहत, रोमांच और घूमना-फिरने, तीनों का बेहतरीन संगम है। यह आज के युवाओं और फिटनेस लवर्स के बीच एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट बनता जा रहा है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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