CBSE Mandates APAAR ID for Board Exam: यह फैसला तब लिया गया जब बोर्ड की समीक्षा में सामने आया कि 2025–26 तक CBSE से जुड़े स्कूलों में आधे से भी कम छात्रों ने अपनी APAAR ID बनवाई थी। इसी वजह से CBSE ने 2026–27 से क्लास 9 से 12 के लिए रजिस्ट्रेशन और लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) फॉर्म के साथ APAAR ID को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है।
APAAR ID क्या है और क्यों जरूरी है?
APAAR (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री- (Automated Permanent Academic Account Registry)) एक डिजिटल पहचान है, जिसके जरिए छात्र का पूरा एकेडमिक रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहता है। इससे न केवल रिकॉर्ड वेरिफिकेशन आसान होता है, बल्कि भविष्य में करियर और आगे की पढ़ाई के दौरान भी छात्रों के डॉक्यूमेंट्स को ट्रैक करना सरल हो जाता है।
APAAR ID कवरेज में बड़ा अंतर
बोर्ड के डेटा के मुताबिक, राज्यों केबीच APAAR ID कवरेज में बड़ा अंतर देखने को मिला।
- पश्चिम बंगाल में क्लास 9 के सिर्फ 9.01% और क्लास 11 के 17.83% छात्रों के पास APAAR ID थी।
- हरियाणा में यह आंकड़ा बेहतर रहा, जहां दोनों कक्षाओं में लगभग 54% छात्रों ने APAAR ID बनवाई थी।
- गुजरात और बिहार में भी कवरेज अपेक्षाकृत कम पाई गई।
अगस्त में CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिए थे कि रजिस्ट्रेशन और LOC फॉर्म भरने से पहले छात्रों की APAAR ID बनवाना सुनिश्चित करें। हालांकि, कुछ राज्यों ने तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का हवाला देते हुए 2026 में बोर्ड एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए छूट की मांग की थी। अब बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि जिन राज्यों में APAAR ID बनवाने में दिक्कत आई है, वहां स्कूलों के साथ मिलकर कम्युनिकेशन और सपोर्ट बढ़ाया जाएगा।
2028 से 10वीं में मैथ, साइंस और सोशल साइंस के दो लेवल
CBSE ने यह भी कन्फर्म किया है कि साल 2028 से क्लास 10 के बोर्ड एग्जाम में मैथ, साइंस और सोशल साइंस- इन तीनों विषयों के दो लेवल होंगे। यह प्लान सबसे पहले 2024 में क्लास 9 के लिए मंजूर किया गया था। 2026–27 से क्लास 9 में "स्टैंडर्ड" और "एडवांस्ड" लेवल लागू किए जाएंगे। फिलहाल, CBSE सिर्फ मैथ में ही बेसिक और स्टैंडर्ड दो लेवल देता है।
बोर्ड का कहना है कि स्कूलों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने के बाद 2028 से इन विषयों में दो लेवल पर बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। इस गैप पीरियड का इस्तेमाल टीचर्स की ट्रेनिंग, सिलेबस प्लानिंग और असेसमेंट पैटर्न को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
