धरती पर सब्जी उगाना आम बात है, लेकिन अंतरिक्ष में सब्जी उगाना नायाब और दुर्लभ है, लेकिन ऐसा दशकों पहले हो चुका है। इस सब्जी का नाम आलू है, जानें किसने और कब अंतरिक्ष में पहली बार आलू उगाया
धरती के बाहर खाना उगाने की खोज ने दशकों से साइंटिस्ट और स्पेस एजेंसियों को हैरान किया है। न केवल जिंदा रहने के लिए, बल्कि भविष्य में होने वाले अंतरिक्ष मिशन के लिए भी ये जरूरी है। इसी सोच के साथ अक्टूबर 1995 में नासा और विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय ने अंतरिक्ष में पहली सब्जी यानी आलू उगाया था।
आज भी ज्यादातर सब्जी के नाम पर कई लोग स्पेस में हरी पत्तेदार सब्जियों की कल्पना करते हैं, लेकिन माइक्रोग्रैविटी में पहली सब्जी जो उगी, वह आलू थी। 1990 के दशक में, NASA और विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी ने मिलकर यह टेस्ट शुरू किया था। ये छोटा लेकिन गहरा कदम था। ये फसल एक्सपेरिमेंट और कंट्रोल्ड एनवायरनमेंट एग्रीकल्चर में नई तकनीकों की नींव साबित हुआ।
1995 में, विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एस्ट्रोकल्चर नाम के सिस्टम के जरिए स्पेस शटल से आलू के पत्तों की कटिंग को स्पेस में सफलतापूर्वक भेजा। इस एक्सपेरिमेंट में एक बंद लूप, कंट्रोल्ड माहौल में सफेद आलू (सोलनम ट्यूबरोसम) उगाना शामिल था, ताकि यह देखा जा सके कि क्या धरती की ग्रेविटी के बिना कंद बन सकते हैं।
आलू के स्लाइस को बजरी जैसे मीडियम में रखा गया था और एक खास कैलिब्रेटेड सिस्टम से पानी दिया गया। लगभग 16 दिनों के बाद, छोटे-छोटे कंद उगे, हर एक का डायमीटर लगभग 1.5 cm था। इससे पता चला कि कंद वाले पौधे माइक्रोग्रैविटी में भी खाने लायक बायोमास बना सकते हैं।
आलू के ट्रायल के दो दशक बाद, ISS पर NASA’s Veggie plant system के तहत स्पेस फार्मिंग एक नए फेज की ओर बढ़ा। स्पेस में उगाई गई सब्जी जिसे काटा और खाया गया वो 'रेड रोमेन लेट्यूस' थी।
लेट्यूस की फसल के बाद, साइंटिस्ट्स ने फूड सेफ्टी कन्फर्म करने के लिए डिटेल्ड माइक्रोबियल और न्यूट्रिशनल असेसमेंट किए। धरती पर लाए गए पत्तों और जड़ों के सैंपल्स को E. coli और साल्मोनेला जैसे पैथोजन्स के लिए एनालाइज किया गया। स्टडी में पाया गया कि स्पेस में उगाए गए लेट्यूस में कोई नुकसानदायक कंटैमिनेंट्स नहीं थे, बल्कि्इ इसमें कुछ मिनरल्स का लेवल ज्यादा ही था।