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क्रिप्टोकरंसी में निवेश और फायदे का दिखाया सब्जबाग, गाजियाबाद के शख्स से ठगे 43 लाख रुपये

पीड़ित सुबोध त्यागी ने बताया कि उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश करके बड़ी कमाई का दावा किया गया था। ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पैसा निवेश करने को कहा और कमाई के आंकड़े भी दिखाए।

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43 लाख की ठगी

Cryptocurrency Cheating: क्रिप्टोकरंसी में निवेश कर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गाजिबाद में ऐसे ही एक मामले में ठगों ने 5 गुना तक कमाई करने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 43 लाख रुपये ठग लिए। बृज विहार के रहने वाले सुबोध त्यागी ने साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ठगी की शुरुआत पीड़ित को वॉ्ट्सऐप ग्रुप में जोड़कर हुई थी।

निवेश और बड़े फायदे का दावा किया

पीड़ित सुबोध त्यागी ने बताया कि उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश करके बड़ी कमाई का दावा किया गया था। ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप पर पैसा निवेश करने को कहा और कमाई के आंकड़े भी दिखाए। वह उनकी बातों में आ गए और कई बार निवेश किया। इस दौरान ठगों ने कई खातों में उनसे 43.40 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। आरोपी उनसे और रकम भेजने को कह रहे थे। इस दौरान सुबोध के खाते में डॉलर में रकम दिखती रही। जब ठग उनसे और पैसे मांगने लगे तो उनके पास पैसे खत्म हो चुके थे। तब आरोपियों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इस मामले में उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा

सुबोध ने बताया कि वह मार्च के महीने में वह एक वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़े थे। इसमें करीब 10 लोग थे। यहां क्रिप्टोकरंसी में निवेश और उसके फायदे के बारे में बताया जा रहा था। इसमें शामिल लोगों ने फायदे के स्क्रीनशॉट डालने शुरू किए। करीब एक महीने तक ग्रुप की गतिविधि देखने के बाद अप्रैल में 10 हजार रुपये से निवेश की शुरुआत की। इसके बाद उनके वॉलेट में 120 यूएस डॉलर दिखने लगे। इसके बाद उन्हें एक नए ग्रुप में जोड़ा गया। निवेश के बारे में एक टेलीग्राम ग्रुप में जानकारी दी जाती थी जिसमें सिर्फ 5 लोग ही थे।

43 लाख रुपये गंवाए

इनकी बातों में आकर सुबोध ने 130 बार में 43 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा कर दिए। इस दौरान उनके वॉलेट में करीब 2 लाख 24 हज़ार यूएस डॉलर से अधिक दिखने लगा। यानी उनके खाते में 1 करोड़ 79 लाख रुपये से अधिक पैसे नजर आ रहे थे। अंत में जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो कोई रिस्पांस नहीं आया। जब ठगी का अहसास हुआ वह पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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