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Iran Helicopter crash: ईरानी राष्ट्रपति रईसी समेत हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्रियों की मौत, ईरानी मीडिया ने किया शव मिलने का दावा

Iran Helicopter crash: ईरान के प्रेस टीवी ने ट्वीट कर बताया कि बचाव दल ने राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर की पहचान कर ली है, उसका मलबा भी बरामद हो गया है। इस हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, ईरान के विदेश मंत्री व अन्य अधिकारियों की मौत हो गई है।

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हेलिकॉप्टर हादसे में ईरानी के राष्ट्रपति की मौत

Iran Helicopter crash: ईरान में रविवार को हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है। वहींं उनके साथ हेलिकॉप्टर में सवार विदेश मंत्री व अन्य अधिकारियों ने अपनी जान गंवा दी।। यह दावा ईरानी मीडिया के हवाले से किया गया है। सोमवार को ईरान के प्रेस टीवी ने ट्वीट कर बताया कि बचाव दल ने राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर की पहचान कर ली है। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि हादसे वाली जगह से सभी के शव मिल गए हैं। ईरान के रेड क्रिसेंट के प्रमुख ने का कहना है कि हादसे में ईरानी राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर के सभी यात्री मारे गए।

बता दें, यह हादसा रविवार को करीब 3 बजे (भारतीय समयानुसार) हुआ, जब राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी अपने काफिले के साथ अजरबैजान से वापस लौट रहे थे। राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर में विदेश मंत्री हुसैन अमीराब्दुल्लाहियन, ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर और अन्य अधिकारी तथा अंगरक्षक भी यात्रा कर रहे थे। हादसे में सभी की मौत की आशंका है। राष्ट्रपति के काफिले के साथ दो हेलिकॉप्टर और भी थे, जो सुरक्षित वापस लौट आए। हालांकि, राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया।

घंटों की मशक्कत के बाद पहुंची रेस्क्यू टीमें

हेलिकॉप्टर क्रैश का पता चलते ही घटनास्थल पर रेस्क्यू टीमों को रवाना किया गया। हालांकि, खराब मौसम, बारिश और तूफान के बीच बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लगा। केवल जमीनी दल ही वहां तक पहुंच सके। वहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए तुर्की ने भी अपने नाइट विजन हेलिकॉप्टर के साथ तीन गाड़ियों को ईरान भेजा था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमला किया था।

पीएम मोदी ने जताई चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर चिंता व्यक्त करते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज राष्ट्रपति रईसी की हेलीकॉप्‍टर उड़ान के संबंध में आईं खबरों से बेहद चिंतित हूं। हम संकट की इस घड़ी में ईरानी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। हम राष्ट्रपति और उनके दल की भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं।
Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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