Odisha सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के मेधावी छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी (CM Majhi) ने घोषणा की है कि इन वर्गों के छात्रों को सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश लेते समय और उसके बाद अगले छह महीने तक कोई ट्यूशन या अन्य फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य आर्थिक कारणों के चलते शिक्षा पर रोक न लगने देना है। कई होनहार छात्र कठिन प्रवेश परीक्षाएं पास करने के बावजूद वित्तीय कारणों के चलते एडमिशन फीस नहीं भर पाते थे। सरकार के इस कदम से गरीब छात्रों के लिए उच्च तकनीकी व मेडिकल शिक्षा के रास्ते आसान होंगे।
स्कॉलरशिप मिलने के बाद जमा कर सकेंगे फीस
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, योग्य छात्रों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से विभिन्न स्कॉलरशिप दी जाती हैं। हालांकि, कागजी कार्रवाई और आधिकारिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्कॉलरशिप की राशि उनके खातों में आने में 3 से 4 महीने का समय लग जाता है। इसी देरी के कारण छात्रों पर एडमिशन के समय अचानक फीस भरने का मानसिक व आर्थिक दबाव बना रहता है। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद, छात्रों को प्रवेश के समय अपनी जेब से पैसे नहीं देने होंगे। जब केंद्र या राज्य सरकार से स्कॉलरशिप का पैसा उनके खाते में आ जाएगा, तब वे आसानी से अपनी फीस का भुगतान कर सकते हैं। इस पहल से छात्र बेफिक्र होकर अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।
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| किसको मिलेगा लाभ | राज्य के गरीब व जरूरतमंद SC और ST वर्ग के मेधावी छात्र। |
| किन कॉलेजों पर लागू | सभी सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज। |
| छूट की अवधि | एडमिशन के समय से लेकर अगले 6 महीने तक ट्यूशन व अन्य फीस से राहत। |
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से वित्तीय तंगी के कारण किसी भी प्रतिभाशाली छात्र को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होना पड़ेगा। ओडिशा सरकार द्वारा जल्द ही इस कल्याणकारी योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
