पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सेवानिवृत्त पत्रकारों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने रिटायर्ड पत्रकारों के लिए चल रही मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन को दोगुना करते हुए 5,000 रुपये कर दिया है। मंगलवार को इस बाबत सीएम के एलान के बाद इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत पत्रकारों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने की शुरुआत भी की।
38 हजार अस्पतालों में स्वास्थ्य बीमा का लाभ
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा देशभर के करीब 38,000 सरकारी और निजी अस्पतालों तक होगा। इनमें दिल्ली के एम्स, वेल्लोर का क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी), मुंबई का टाटा कैंसर अस्पताल, चंडीगढ़ का पीजीआईएमईआर और हैदराबाद के डॉ. रेड्डीज अस्पताल समेत कई प्रमुख चिकित्सा संस्थान शामिल हैं।पश्चिम बंगाल में पत्रकारों को राज्य के करीब 1,900 सरकारी और निजी अस्पतालों में भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा देशभर में आयुष्मान भारत के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है।
आयुष्मान भारत से बाहर रहने वाले पत्रकारों को भी फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पत्रकार और उनके परिजन जो विशेष शर्तों या आयु संबंधी मानदंडों के कारण आयुष्मान भारत योजना के पात्र नहीं हैं, उन्हें सीधे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसी मंत्री या राजनीतिक व्यक्ति की सिफारिश की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के सचिव डॉ. सौमित्र मोहन और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम करेंगे।
रिटायर्ड पत्रकारों की पेंशन 2,500 से बढ़कर 5,000 रुपये
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि फिलहाल करीब 150 सेवानिवृत्त पत्रकारों को हर महीने 2,500 रुपये की सामाजिक सुरक्षा राशि मिल रही है। अब इस राशि को बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित पात्रता मानदंड पूरा करने वाले सेवानिवृत्त पत्रकारों के बड़े वर्ग को योजना में शामिल किया जाएगा। इसमें समाचार डेस्क पर काम करने वाले पत्रकार और ऐसे पत्रकार भी शामिल होंगे, जिनके पास प्रेस मान्यता कार्ड नहीं है। उन्होंने वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता की बजट घोषणा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के पूर्व प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है।दुर्गा पूजा पर अब सभी पात्र पत्रकारों को 3,000 रुपये
मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा के दौरान पत्रकारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी बदलाव का एलान किया। उन्होंने कहा कि पहले कोलकाता में कार्यरत पत्रकारों को 2,000 रुपये और जिलों के पत्रकारों को 1,000 रुपये की सहायता दी जाती थी। अब सभी पात्र आवेदकों को 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इसका उद्देश्य कोलकाता और जिलों में काम करने वाले पत्रकारों के बीच सहायता राशि के अंतर को खत्म करना है।‘चौथे स्तंभ’को सामाजिक सुरक्षा देने पर जोर
उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का “चौथा स्तंभ” बताते हुए मीडिया से सरकार की रचनात्मक आलोचना जारी रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और सत्तारूढ़ दल की आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन राष्ट्रहित और देशभक्ति से जुड़े मुद्दों पर मीडिया को जिम्मेदारी बरतनी चाहिए।
