Aurangabad Murder: बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर में कोचिंग पढ़ने गई नाबालिग छात्रा का अपहरण कर निर्मम हत्या गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। इस घटना को हुए 8 दिन बीत गए हैं, लेकिन इतने दिन के बाद भी पुलिस श्रेया हत्याकांड में खाली हाथ है। इस वजह से नवीनगर से लेकर जिला मुख्यालय तक लोगों में आक्रोश प्रकट करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले पर निवर्तमान सांसद सुशील कुमार सिंह ने चिंता जताई है और गंभीर आरोप लगाए हुए कहा कि पुलिस जाति विशेष के आधार पर कार्रवाई करती है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।
श्रेया हत्याकांड पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने के मांग
कोचिंग सेंटर पढ़ने गई श्रेया के अपहरण और हत्या के मामले पर सांसद सुशील कुमार ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करने और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की। सांसद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा है कि पुलिस जाति विशेष के आधार पर कार्रवाई करती है। उन्होंने पुलिस के चरित्र को दोहरा बताया। उन्होंने कहा कि ये गलत है और इसे जल्दी सुधार की आवश्यकता है। पुलिस को इस घटना पर अपना काम निष्पक्षता और तेजी से करनी चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि सवाल ये नहीं है कि सरकार किसकी है। पुलिस दूसरी जाति के साधारण मामले को भी गंभीरता से लेती है और एक्शन मोड में आ जाती है। लेकिन दूसरी जाति विशेष के मामले में पुलिस सुस्त पड़ जाती है। उन्होंने आगे कहा कि अभी भी वक्त है, पुलिस चेत जाएं और ऐसा माहौल बनाए कि अभिभावक बेटियों को घर से बाहर भेजने में डर महसूस न करें। उन्होंने छात्रा हत्याकांड मामले पर ये भी कहा कि पुलिस ने शुरू में काफी लापरवाही बरती है। इस कारण आम जनता आक्रोशित हुई, लेकिन जनता ने संयम के साथ विरोध प्रदर्शन किया। थाने में आग नहीं लगाई। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया। पुलिस निष्पक्ष होकर मामले की जांच करें और आरोपियों को सजा दिलवाए।
कोचिंग गई नाबालिग छात्र की हत्या
मिली जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद जिले के नवीनगर में 12 जून को नाबालिग छात्रा घर से कोचिंग के लिए निकली थी। लेकिन उसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। 14 जून को छात्रा का शव रोहतास जिले के इंद्रपुरी सोन बराज के पास नगर से मिला। अपहरण और हत्या के मामले की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। लगभग 8 दिन बाद भी पुलिस श्रेया हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझा पाई। 8 दिन के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने के कारण औरंगाबाद से लेकर पटना तक बवाल मचा गया ौर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों में गुस्सा भरा हुआ है। नाबालिग के परिवार का कहना है कि एसिड डालकर हत्या की गई है। लेकिन एसडीपीओ संजय कुमार ने एसिड अटैक की घटना से इंकार कर दिया है। दूसरी तरफ मृतक छात्रा की मां अपने बेटी के लिए रो रोकर इंसाफ की मांग कर रही है। मृतक छात्रा के पिता का कहना है कि एसिड डालकर की गई हत्या को पुलिस आत्महत्या करार कर रही है।
