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अपने ही प्रमुख सचिव, निदेशक की राजभर ने की CM योगी से शिकायत, टेंडर में लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

राजभर का आरोप है कि पहले चरण की डिजिटल लाइब्रेरी का काम पूरा नहीं हुआ है और इससे दूसरे चरण के टेंडर पर सवाल उठे हैं। उन्होंने 16 डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजने का दावा किया है। राजभर का दावा है कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार की राशि अधिकारियों द्वारा हड़पी गई है।

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यूपी सरकार में मंत्री हैं ओम प्रकाश राजभर।

Photo : ANI

Omprakash Rajbhar : उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने ही प्रमुख सचिव एवं विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार एवं लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। राजभर ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। सुभासपा सुप्रीमो ने डिजिटल लाइब्रेरी के टेंडर में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। राजभर का दावा है कि योजनाओं की प्रचार राशि में भी गड़बड़ी हुई है। ग्रामीण इलाकों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट योजना में भी लापरवाही का आरोप लगाया है।

डिजिटल लाइब्रेरी का काम पूरा नहीं हुआ-राजभर

राजभर का आरोप है कि पहले चरण की डिजिटल लाइब्रेरी का काम पूरा नहीं हुआ है और इससे दूसरे चरण के टेंडर पर सवाल उठे हैं। उन्होंने 16 डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजने का दावा किया है। राजभर का दावा है कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार की राशि अधिकारियों द्वारा हड़पी गई है। इन आरोपों के मद्देनजर राजभर ने प्रमुख सचिव और निदेशक को हटाने की मांग सीएम से की है।

प्रमुख सचिव, निदेशक को हटाने की मांग की

राजभर का आरोप है कि कई बार कहने के बावजूद काम पूरा करने के निर्देश नहीं दिए गए। उन्होंने सीएम से मौखिक रूप से भी प्रमुख सचिव और निदेशक को हटाने की मांग की। वहीं, प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने आरोपों पर कुछ भी बोलने से किया इन्कार किया है। राजभर ने कहा कि उनकी बात नहीं सुनी गई इसलिए उन्होंने सीएम को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। टेंडर विवाद को लेकर पंचायतीराज विभाग में मंत्री की सीएम से शिकायत के बाद हड़कंप मच गया है।

विभाग की लापरवाही से भी खफा हैं राजभर

राजभर की नाराजगी भले ही डिजिटल लाइब्रेरी का काम पूरा न होने को लेकर बताई जा रही हो लेकिन वह विभाग में अन्य कार्यों में बरती जा रही लापरवाही से भी खफा हैं। उनकी ओर से इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि जो उच्च स्तर पर तय किया जाता है, उसे भी लागू नहीं किया जाता। मल का निस्तारण परियोजना के काम में भी लापरवाही बरते जाने से भी वह अधिकारियों पर नाराज हैं। ये भी पढ़ें:यूपी में आज चुनाव हुए तो सपा-भाजपा को कितनी सीटें? नया सर्वे आया सामने

Vinod Mishra
विनोद मिश्राauthor

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन है।

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