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Video: अब गाना सुनाएगी मुंबई की सड़क; रफ्तार सही रखी तो टायरों से निकलेगा 'जय हो' का म्यूजिक, जानें कैसे

मुंबई की सड़कों पर अब रफ्तार के साथ संगीत का जादू भी बिखरेगा। कोस्टल रोड पर अमरसन्स गार्डन से ब्रीच कैंडी के बीच भारत का पहला 'मेलोडी रोड' शुरू किया गया है, जहां गाड़ी चलाने पर टायरों से 'जय हो' की धुन सुनाई देती है। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के बाद अब मुंबई इस अनूठी तकनीक को अपनाने वाला दुनिया का पांचवां शहर बन गया है।

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कोस्टल रोड पर बना है देश का पहला 'मेलोडी रोड'

Photo : Times Now Digital

Mumbai Melody Road: मुंबई के बुनियादी ढांचे में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। अब मायानगरी की सड़कों पर न केवल वाहनों की रफ्तार दिखेगी, बल्कि संगीत की मधुर धुन भी सुनाई देगी। धर्मवीर स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज कोस्टल रोड पर देश के पहले 'मेलोडी रोड' का उद्घाटन 11 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किया गया। इस अनूठी पहल से मुंबई अब दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गई है जहां सड़कें 'गाती' हैं।

तकनीक से संगीत

कोस्टल रोड पर अमरसन्स गार्डन से ब्रीच कैंडी के बीच लगभग 500 मीटर का हिस्सा अब एक जादुई अनुभव में बदल गया है। अत्याधुनिक हंगेरियन तकनीक का उपयोग करते हुए सड़क की सतह पर विशेष 'म्यूजिकल रिब्स' (ग्रूव्स) लगाई गई हैं। जब कोई वाहन 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की नियत गति से इन पट्टियों के ऊपर से गुजरता है, तो टायरों और सड़क के घर्षण से कंपन पैदा होता है। यह कंपन वाहन के भीतर यात्रियों को ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के प्रसिद्ध गीत 'जय हो' की धुन के रूप में सुनाई देता है।

सुरक्षा और मनोरंजन

इस परियोजना का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना भी है। धुन को स्पष्ट रूप से सुनने के लिए चालक को वाहन की गति 60-80 किमी/घंटा के बीच रखनी होती है। यदि गति कम या ज्यादा होती है, तो संगीत बिगड़ जाता है। इससे वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस खंड से 500, 100 और 60 मीटर पहले विशेष साइनबोर्ड भी लगाए हैं ताकि चालक अचानक ब्रेक न लगाएं और अपनी रफ्तार को पहले से ही नियंत्रित कर सकें।

भारत का पहला और दुनिया का पांचवां प्रयोग

मेलोडी रोड की अवधारणा सबसे पहले 2007 में जापान में विकसित हुई थी। अब भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है जहां इस तकनीक का सफल क्रियान्वयन किया गया है (जापान, दक्षिण कोरिया, हंगरी और यूएई के बाद)। पूर्व सांसद राहुल शेवाले द्वारा सुझाए गए इस विचार को साकार करने के लिए बीएमसी ने लगभग ₹6.21 करोड़ खर्च किए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने संकेत दिए हैं कि इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद भविष्य में मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे जैसे अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर भी इसे लागू किया जा सकता है।

कैसे लें इस संगीतमय सफर का आनंद

यह मेलोडी रोड कोस्टल रोड के नॉर्थबाउंड कैरिजवे (मरीन ड्राइव से वर्ली की ओर) पर स्थित है। मरीन ड्राइव टनल से बाहर निकलते ही पहली लेन (डिवाइडर के पास वाली) में यह म्यूजिकल स्ट्रेच शुरू होता है। यात्रियों को संगीत सुनने के लिए किसी रेडियो या मोबाइल ऐप की जरूरत नहीं है। आप वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे केवल गाड़ी की रफ्तार सही रखने पर सड़क खुद आपको 'जय हो' सुना रही है।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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