Shahzad Bhatti: महाराष्ट्र ATS ने 8 लोगों की पहचान की है जो कथित तौर पर पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क के संपर्क में आए थे। ATS ने भट्टी के नेटवर्क के साथ उनके कथित ऑनलाइन लिंक की जांच के तहत सभी 8 संदिग्धों से पूछताछ की। संदिग्धों को 13 और 14 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ATS अधिकारियों ने उनसे उनके सोशल मीडिया इंटरैक्शन और शहजाद भट्टी के नेटवर्क के साथ संभावित संपर्क के बारे में पूछताछ की। पूछताछ के बाद, सभी 8 लोगों को जाने दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ यह पता लगाने के लिए की गई थी कि उनके लिंक किस तरह के थे और क्या पाकिस्तान के गैंगस्टर नेटवर्क के साथ कोई और कनेक्शन था। ATS अपनी जांच के हिस्से के तौर पर सोशल मीडिया ट्रेल और दूसरे संभावित लिंक की जांच जारी रखे हुए है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क ध्वस्त
इससे पहले 17 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दावा किया कि स्वतंत्रता दिवस से पहले मोदी सरकार ने आईएसआई समर्थित आतंकी नेटवर्क शहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया और देश में संभावित आतंकी एवं विध्वंसक गतिविधियों की बड़ी साजिश को नाकाम किया। अमित शाह के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा बलों ने देश के 14 राज्यों में अलग-अलग ठिकानों पर समन्वित कार्रवाई करते हुए नेटवर्क से जुड़े 200 से ज्यादा ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण बताया।
ग्रेनेड पर पाकिस्तान आयुध कारखाना की मार्किंग
गृह मंत्री ने कहा कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और संदिग्ध उपकरण बरामद किए। इनमें आईईडी, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। शाह के अनुसार, बरामद किए गए कुछ ग्रेनेड पर पाकिस्तान आयुध कारखाना की मार्किंग भी मिली है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि यह नेटवर्क आईएसआई के वित्तपोषण और समर्थन से संचालित हो रहा था और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के आसपास संभावित विध्वंसक हमलों की साजिश को विफल करना था।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में एक साथ की गई कार्रवाई ने नेटवर्क की गतिविधियों को बड़ा झटका दिया है। गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है और देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
