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पोस्ट ऑफिस से बैंक में कैसे ट्रांसफर करें PPF, सुकन्या समृद्धि और SCSS अकाउंट?

पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं जैसे PPF, SSY और SCSS अकाउंट को बैंक में ट्रांसफर करना अब बेहद आसान हो गया है। अगर आप भी डाकघर के बजाय बैंक में अपना खाता चलाना चाहते हैं, तो जानिए इसकी पूरी ट्रांसफर प्रोसेस।

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पोस्ट ऑफिस से बैंक में कैसे ट्रांसफर करें PPF, सुकन्या समृद्धि और SCSS अकाउंट?

भारत सरकार की लघु बचत योजनाएं (Small Savings Schemes) जैसे पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) सुरक्षित निवेश और बेहतर रिटर्न के लिए बेहद लोकप्रिय हैं। अक्सर लोग शुरुआत में इन खातों को अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस (Post Office) में खुलवा लेते हैं। हालांकि, समय के साथ बैंकिंग सुविधाओं, नेट बैंकिंग की सुगमता या शहर बदलने की स्थिति में कई निवेशक अपने इन खातों को पोस्ट ऑफिस से किसी राष्ट्रीयकृत या अधिकृत निजी बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB) में ट्रांसफर करना चाहते हैं। नियम के मुताबिक, आप इन सभी सरकारी बचत खातों को पोस्ट ऑफिस से बैंक में आसानी से ट्रांसफर करा सकते हैं।

कैसे करें ट्रांसफर?

खाता ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको उस पोस्ट ऑफिस ब्रांच में जाना होगा, जहां आपका खाता (PPF, SSY या SCSS) वर्तमान में चल रहा है। वहां जाकर आपको खाता ट्रांसफर का निर्धारित आवेदन फॉर्म (Account Transfer Form) भरना होता है। इस आवेदन के साथ आपको अपनी ओरिजिनल पासबुक, पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड) और वर्तमान पते का प्रमाण संलग्न करना होगा। अगर आप सुकन्या समृद्धि खाता (SSY) ट्रांसफर करा रहे हैं, तो बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और अभिभावक के दस्तावेज भी आवश्यक होते हैं।

आवेदन जमा करने के बाद, पोस्ट ऑफिस आपके खाते की जांच करता है और खाता बंद किए बिना उसे बैंक में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करता है। पोस्ट ऑफिस आपके खाते की एक प्रमाणित कॉपी, जमा राशि का चेक या डिमांड ड्राफ्ट (DD), मूल आवेदन पत्र, सिग्नेचर स्पेसिमेन और आपकी पासबुक को संबंधित बैंक की उस शाखा में भेजता है, जहां आप खाता ट्रांसफर कराना चाहते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 7 से 15 Working Days का समय लग सकता है।

डॉक्यूमेंट सब्मिट करने के बाद क्या होगा?

एक बार जब दस्तावेज और फंड आपके इच्छित बैंक शाखा में पहुंच जाते हैं, तो बैंक आपको सूचित करता है। इसके बाद आपको उस बैंक ब्रांच में जाकर नए सिरे से KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी करनी होती है। आपको नया खाता खोलने का फॉर्म भरना होगा, अपने पासपोर्ट साइज फोटो और आईडी प्रूफ जमा करने होंगे। बैंक आपके पिछले रिकॉर्ड और हस्तांतरित राशि का मिलान करने के बाद खाता एक्टिवेट कर देता है और आपको उस बैंक की नई पासबुक जारी कर दी जाती है।

अकाउंट ट्रांसफर कराते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। SCSS या PPF खाते के ट्रांसफर के दौरान यह सुनिश्चित करें कि चालू वित्त वर्ष का ब्याज सही तरीके से क्रेडिट हुआ है या नहीं। इसके अलावा, खाते के ट्रांसफर की अवधि के दौरान मिलने वाले ब्याज पर कोई नुकसान नहीं होता है; आपका खाता पुराने पोस्ट ऑफिस की तारीख से ही निरंतर (Continuous) माना जाता है और आपकी मैच्योरिटी डेट (Maturity Date) में कोई बदलाव नहीं होता है। नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप की सुविधा चाहने वाले निवेशकों के लिए बैंक में खाता ट्रांसफर कराना एक सुविधाजनक विकल्प साबित होता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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