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जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में विकास को नई रफ्तार, मेडिकल हब से ताइवान सिटी तक कई बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी

जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है। यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में मेडिकल हब, विश्वविद्यालय नगरी, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, मंडी, इंटरस्टेट बस अड्डे और ताइवान सिटी जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।

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जेवर एयरपोर्ट के आसपास बढ़ेंगी सुविधाएं, यीडा ने कई अहम परियोजनाओं को दी मंजूरी (सांकेतिक फोटो)

Jewar Airport Growth Plan: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 92वीं बोर्ड बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। सोमवार को हुई बैठक में औद्योगिक विकास, मेडिकल शिक्षा, फार्मास्युटिकल, मेडिकल डिवाइस, परिवहन, खेल और किसानों से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्राधिकरण के मुताबिक, इन परियोजनाओं का मकसद जेवर-नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक और संस्थागत हब के तौर पर विकसित करना है।

500 एकड़ में बनेगा मेडिकल हब

एक आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक में सेक्टर-13 और 14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। सेक्टर-14 में 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का फैसला लिया गया। इन परियोजनाओं से चिकित्सा और उच्च शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

सेक्टर-23D में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम

खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ भूमि जमीन चिन्हित की गई है। यहां आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम विकसित करने की योजना है। इस स्टेडियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए आधुनिक मंडी

बैठक में कृषि क्षेत्र के लिए भी अहम फैसला लिया गया। सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस मंडी विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। इससे किसानों को कृषि उत्पादों के भंडारण, बिक्री और व्यापार के लिए व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण का मानना है कि इससे आसपास के किसानों को बेहतर बाजार व्यवस्था मिल सकेगी।

जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा इंटरस्टेट बस टर्मिनल

नोएडा एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए एक अंतरराज्यीय बस अड्डा विकसित किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-23सी में भूमि चिह्नित की जाएगी। इस टर्मिनल से एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। इससे एयरपोर्ट, औद्योगिक इलाकों और आसपास तेजी से विकसित हो रहे नए शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

300 एकड़ में बनेगी Taiwan City

बोर्ड ने सेक्टर-छह में 300 एकड़ जमीन ’ताइवान सिटी’ विकसित करने के लिए आरक्षित करने को भी मंजूरी दी। इस परियोजना का मकसद ताइवान की कंपनियों और इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़े निवेश को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित करना है। इससे क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण का इकोसिस्टम मजबूत होने की उम्मीद है।

125 एकड़ तक में बनेगा फार्मास्युटिकल क्लस्टर

उत्तर प्रदेश को दवा निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बोर्ड ने अहम कदम उठाया है। सेक्टर-6 में करीब 100 से 125 एकड़ जमीन फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए आरक्षित करने का फैसला हुआ। YEIDA ने मेडिकल डिवाइस सेक्टर को मजबूत करने के लिए मेडिकल डिवाइस पार्क में विशेष टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

किसानों से जमीन खरीदने की दर बढ़ी

तेजी से हो रहे औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को देखते हुए बोर्ड ने किसानों से आपसी सहमति से जमीन खरीदने की दर बढ़ाने का निर्णय लिया है। गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों में चरण-1 के तहत नियोजित विकास के लिए जमीन खरीद की मौजूदा दर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है। यह करीब 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 4,037 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 7 प्रतिशत आबादी के प्लॉट के साथ जमीन खरीद की दर भी तय की गई है।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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