Marathi Language Course Campaign: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को ठाणे में आयोजित एक भव्य समारोह में घोषणा की कि राज्य सरकार और स्थानीय साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए 105 दिवसीय अभियान के तहत लगभग 1.25 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों ने व्यावहारिक मराठी भाषा का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
गैर-मराठी पृष्ठभूमि से आने वाले सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए शिंदे ने स्पष्ट किया कि मराठी प्रेम, भक्ति और सम्मान से अपनाई जाने वाली भाषा है, किसी पर जबरन थोपी जाने वाली नहीं।
'हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम' का सफल समापन
इस 105 दिवसीय विशेष अभियान का आयोजन राज्य के कई प्रमुख विभागों और साहित्यिक मंचों ने मिलकर किया था।
आयोजक संस्थाएं: यह अभियान महाराष्ट्र परिवहन विभाग, राज्य मराठी विकास संस्थान, मुंबई मराठी साहित्य संघ और कोंकण मराठी साहित्य परिषद द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया।
पंजीकरण व सफलता: तीन महीने से अधिक चले इस अभियान के लिए 1,65,600 से अधिक परिवहन कार्यकर्ताओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1.25 लाख चालकों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर दक्षता हासिल की।
सकारात्मक दृष्टिकोण: राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कानूनी सख्ती के बजाय सकारात्मक प्रोत्साहन के जरिए गैर-मराठी चालकों को भाषा सीखने के लिए प्रेरित किया।
'मराठी सीखने वालों का मजाक न उड़ाएं, उनसे संवाद करें'- शिंदे
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने मराठी भाषी लोगों से अपील की कि जो लोग भाषा सीखने का प्रयास कर रहे हैं, उनका मजाक उड़ाने के बजाय उनके साथ राज्य की आधिकारिक भाषा मराठी में ही बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि गैर-मराठी भाषी लोगों द्वारा स्वेच्छा से मराठी अपनाना महाराष्ट्र की भाषाई और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है। वहीं, अपने पूर्व के ऑटो चालक जीवन को याद करते हुए शिंदे ने कहा कि सरकार परिवहन कार्यकर्ताओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और भाषा जोड़ने का काम करती है, तोड़ने का नहीं। इसके अलावा मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने बताया कि अभियान के अगले चरण में चालकों को व्यावहारिक मराठी से आगे बढ़ाकर साहित्यिक मराठी का ज्ञान दिया जाएगा।
