Nuh Voilence: हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के दौरान साइबर पुलिस स्टेशन को ही क्यों निशाना बनाया गया ये बड़ा सवाल बनकर उभर रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सीसीटीवी के आधार पर उपद्रवियों की तलाश में जुटी पुलिस के हाथ कई सुराग लगे हैं। सूत्रों ने कहा कि जिन बदमाशों को साइबर क्राइम में गिरफ्तार किया गया था उनके चेहरे सामने आए हैं।
क्या साइबर अराधियों ने दिया अंजाम
सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस से बदला लेने की कोशिश के तरहत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को जलाने की कोशिश की गई। दरअसल, मेवात दूसरा जामताड़ा बन रहा है। मेवात के नूंह में साइबर जालसाजी के कई मामले सामने आए हैं और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर धर-पकड़ का ऑपरेशन चलाया गया था।
हरियाणा पुलिस ने गृहमंत्री अमित शाह के दिशा निर्देश पर नूंह जिले में साइबर क्राइम को खत्म करने के लिए अप्रैल के महीने में एक बड़ा छापा मारा था जिसमें 125 हैकर्स को पकड़ा गया था। इस छापे में 102 टीमों में करीब 5000 पुलिसकर्मी शामिल थे। इन्होंने नूंह जिले के करीब 14 गांव में 300 जगह रेड की थी। इसमें हरियाणा एसटीएफ को बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, स्मार्ट फोन, लैपटॉप, आधारकार्ड, एटीएम स्वैप मशीन मिले थे।
मेवात बन रहा दूसरा जामताड़ा
इसके साथ ही मेवात के दूसरा जामताड़ा बनने की साजिश का खुलासा हुआ था। इस ऑपरेशन से नूंह में साइबर अपराधियों की कमर टूट गई। यही कारण है जब रविवार को नूंह जिले में धार्मिक यात्रा में पथराव हुआ और इसके बाद हिंसा भड़कने पर साइबर क्रिमिनल में नूंह के साइबर थाने पर हमला किया। सीसीटीवी में साफ देखा जा सकता है कि उपद्रवियों ने बस से थाने की दीवार को तोड़ा, फिर अंदर कंप्यूटर्स तोड़े, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और बाहर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
