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Gorakhpur News: हाईटेक हुआ गोरखपुर नगर निगम, सफाई अभियान चलाने के लिए बनाया धांसू प्लान

सीएम सिटी गोरखपुर लगातार हाईटेक होता जा रहा है। अब नगर निगम शहर की साफ सफाई पर सोशल मीडिया के जरिए नजर रखेगा।

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फाइल फोटो

Photo : BCCL

गोरखपुर: शहर की साफ-सफाई को लेकर नगर निगम ने खास प्लान बनाया है। लगातार कर्मचारियों की मनमानी और गंदगी से लड़ाई लड़ने के लिए निगम ने नायाब तरीका अपनाया है। अब लोगों को सोशल मीडिया से जोड़कर सभी वार्डों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अभियान में नगर निगम का फेसबुक और 'एक्स' (पूर्व ट्विटर) साथी होगा। यही दो प्लेटफार्म के जरिए निगम सभी 80 वार्डों में सफाई का वातावरण परखेगा। इसमें वह लोग होंगे जो फेसबुक और एक्स पर एक्टिव हैं। नगर निगम यह काम लोगों को साथ जोड़कर करेगा, जिसके जरिए स्थानीय लोगों के साथ साफ-सफाई को महत्व दिया जा सकेगा।

25 टीमें गठित

अपर नगर आयुक्त मणि भूषण तिवारी ने बताया कि ऐसा करने से हर वार्ड के लोग नगर निगम से सीधे तौर पर जुड़ सकेंगे और साफ सफाई की शिकायत और महत्व को भी समझेंगे। क्योंकि सोशल मीडिया एक ऐसी प्लेटफार्म है, जिसके जरिए लोगों को एक्टिव किया जा सकता है। वहीं, अब तक लगभग वार्डों में 25 टीमें गठित की जा चुकी है।

डोर टू डोर अभियान

इसके अतिरिक्त डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वार्ड को साफ-सुथरा रखने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए स्थानीय लोगों को भी रुचि दिखानी होगी और कदम मिलाकर साथ चलना होगा। इसलिए विशेष करके इस टीम को और समिति को तैयार कर अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें फेसबुक और एक्स पर एक्टिव रहने वाले लोग अपनी महती भूमिका निभा सकेंगे। इस फैसले से शहर में धूल और गंध हवा से परेशान लोगों को नगर निगम राहत देने वाला है, जिसमें ब्लूकट और स्प्रेइग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे शहर में धूल और गंध हवा से निपटने के लिए स्पेशल स्प्रेइग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, यह तरीका कितना कारगर होगा यह देखने वाला होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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