Body Content-Bhopal : राजधानी भोपाल से ट्रेन में सफर करने वाले पैसेंजर्स के लिए बड़ी खबर है। भोपाल में रेल यात्री भार को देखते हुए रेलवे ने दो जोड़ी ट्रेनों में एक्स्ट्रा कोच लगाने का निर्णय लिया है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त कोच लगाने से ट्रेनों में दिनोें दिन बढ़ रहे या़त्री भार का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। वहीं वेंटिंग लिस्ट भी जल्द क्लियर होगी।
अधिकारियों के मुताबिक भोपाल रेल मंडल से आरंभ व समाप्त होने वाली चार ट्रेनों में फिलहाल अस्थाई कोच की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें ट्रेन संख्या 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस में 1 से 31 दिसंबर तक व ट्रेन संख्या 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस में 3 दिसंबर से 2 जनवरी तक अस्थाई स्लीपर कोच बढ़ेगा। वहीं ट्रेन संख्या 19711 जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस में 1 से 31 दिसंबर तक व ट्रेन संख्या 19712 भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस में 2 दिसंबर से 1 जनवरी तक अस्थाई एसी थर्ड कोच बढ़ाया जाएगा। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक शादियों के सीजन को देखते हुए भोपाल रेल मंडल की ओर से यह निर्णय किया गया है। जिससे भोपाल व आसपास के इलाके के लोगों को परेशानी नहीं हो।
ये ट्रेन रद्द, इनके बदले मार्ग
भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों के मुताबिक 30 नवंबर को बुधवार को ट्रेन संख्या 12104 लखनऊ जंक्शन-पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल को रद्द किया गया है। जबकि बुधवार से गोरखपुर से चलने वाली ट्रेन संख्या 12589 गोरखपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस अपने बदले गए मार्ग कानपुर सेंट्रल-आगरा कैंट-वीरांगना लक्ष्मीबाई के रास्ते चलाई जाएगी। बता दें कि यह ट्रेन उरई, पुखरायां स्टेशनों पर नहीं आएगी। इधर, 30 नवंबर को चलने वाली ट्रेन संख्या 16093 पुरातची थैलीवर डॉक्टर एमजी रामचंद्रन (चेन्नई सेंट्रल)-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस अपने बदले गए रूट वीरांगना लक्ष्मीबाई-आगरा कैंट-कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलेगी, यह ट्रेन उरई स्टेशन पर नहीं आएगी। गोरखपुर से बुधवार को चलने वाली ट्रेन संख्या 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस बदले गए रूट कानपुर सेंट्रल-इटावा-ऊडी मोड-ग्वालियर के रास्ते चलेगी। यह ट्रेन भी उरई स्टेशन पर नहीं आएगी। बता दें कि इन दिनों भोपाल रेल मंडल सहित कई अन्य जोन में रेलवे ट्रेक दोहरीकरण समेत कई सुधार के कार्य प्रगति पर होने के चलते रेलवे को गाड़ियों के मार्ग परिवर्तित करने पड़ रहे हैं। वहीं कई गाड़ियों को आंशिक तौर पर निरस्त भी करना पड़ रहा है।
