मुंबई

Mumbai: दादर में हनुमान मंदिर को लेकर मचा सियासी घमासान, रेलवे के नोटिस खिलाफ उतरे उद्धव ठाकरे

Mumbai: मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के पास एक कई साल पुराना मंदिर है, जिसे रेलवे ने अपनी जमीन पर बने होने का दावा करते हुए हटाने के लिए नोटिस दिया था।

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दादर रेलवे स्टेशन के पास बने मंदिर पर बवाल

Photo : IANS

Mumbai: मुंबई के दादर इलाके में हनुमान मंदिर को लेकर सियासी घमासान मच गया है। रेलवे ने इस मंदिर को हटाने के लिए नोटिस दिया था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था, इसके बाद विपक्षी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने भी इस नोटिस के खिलाफ मोर्चा खोल लिया और खुद उद्धव मैदान में उतर गए। जिसके बाद रेलवे ने नोटिस वापस ले लिया।

80 साल पुराना है मंदिर

शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) ने रेलवे द्वारा दादर स्टेशन के बाहर एक मंदिर को अतिक्रमण करार देने और इसे हटाने का नोटिस जारी करने को लेकर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि रेलवे ने कुलियों द्वारा बनाए गए 80 वर्ष पुराने हनुमान मंदिर को गिराने के लिए ‘फतवा’ जारी किया है।

रेलवे ने नोटिस में क्या कहा

रेलवे ने मंदिर के न्यासी/पुजारी को चार दिसंबर को भेजे गए नोटिस में कहा कि यह संरचना अतिक्रमण कर रेलवे के स्वामित्व वाली भूमि पर बिना अनुमति के बनाई गयी है। रेलवे ने नोटिस में कहा कि इस संरचना के कारण यात्रियों व वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और दादर स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। रेलवे ने संरचना को हटाने के लिए सात दिन का नोटिस दिया था।

नोटिस पर रोक

शिव सेना (यूबीटी) की आलोचना के बाद भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मध्य रेलवे ने दादर स्टेशन के पास अनधिकृत मंदिरों को जारी किए गए विध्वंस नोटिस पर रोक लगा दी है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी नेता विधायक आशीष शेलार और कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने हस्तक्षेप किया और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। 14 दिसंबर को बायकुला के असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर (वर्क्स) द्वारा जारी एक पत्र में रोक की पुष्टि की गई।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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