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Investment Rules: सरकारी कर्मचारी हैं और शेयर बाजार में लगाते हैं पैसा, तो जान लें निवेश के ये नियम

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Feb 17, 2024, 02:42 PM IST

Investment Rules for Government Employees: सेंट्रल सिविल सर्विस (कंडक्ट) रूल्स, 1964 के 35 (ए) के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों को शेयरों या किसी दूसरे तरह के इंस्ट्रूमेंट्स में स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग करने की इजाजत नहीं है।

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Investment Rules: सरकारी कर्मचारी हैं और शेयर बाजार में लगाते हैं पैसा, तो जान लें निवेश के ये नियम

Investment Rules for Government Employees: क्या आपको पता है कि गवर्नमेंट एंप्लॉयीज के लिए शेयरों में निवेश करने के लिए कुछ नियम है। अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं या आपके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी करता है तो आपको शेयर बाजार में निवेश से पहले इन नियमों को जरूर जान लेना चाहिए।

निवेश के नियम?

सेंट्रल सिविल सर्विस (कंडक्ट) रूल्स, 1964 के 35 (ए) के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों को शेयरों या किसी दूसरे तरह के इंस्ट्रूमेंट्स में स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग करने की इजाजत नहीं है। यानी ऐसा कोई निवेश करने की मनाही है, जिसमें सट्टेबाजी शामिल हो। यानी सरकारी एंप्लॉयीज के लिए मुनाफे के लिए बार-बार शेयरों को खरीदने और बेचने की इजाजत नहीं है।

स्टॉक मार्केट में निवेश के नियम

सरकारी कर्मचारी चाहें तो ब्रोकर्स के जरिए स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकते हैं। उन्हें लंबी अवधि के लिए निवेश करने की पूरी आजादी है। इसके साथ उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह कोई ऐसा निवेश न करें, जिसमें उसकी नौकरी के चलते हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो। इसके अलावा सरकारी नौकरी करने वाले लोग शेयरों में निवेश तो कर सकते हैं। लेकिन, उन्हें इसमें सावधानी बरतनी होगी। कोई सरकारी कर्मचारी कंपनी के डायरेक्टर्स के लिए तय कोटा के तहत शेयर नहीं खरीद सकता है।

जिस सरकारी कंपनी में काम करते हैं उसके IPO पर नियम

सेंट्रल सिविल सर्विस (कंडक्ट) रूल्स, 1964 के 42 (2) के मुताबिक किसी सरकारी कंपनी के आईपीओ, फॉलो-अप ऑफर या किसी दूसरे तरह से शेयरों की बिक्री की प्रक्रिया से जुड़े सरकारी एंप्लॉयीज को संबंधित कंपनी के शेयरों के लिए बोली लगाने या खरीदने की इजाजत नहीं है। सरकारी एंप्लॉयी खुद या परिवार के किसी सदस्य के जरिए भी संबंधित कंपनी के आईपीओ या एफपीओ के लिए आवेदन नहीं कर सकता है।

इन्वेस्टमेंट डिस्क्लोजर के नियम

केंद्र सरकार ने 2019 में कर्मचारियों के लिए अलग नियम बनाए। जिसमें ग्रुप ए और ग्रुप बी कैटेगरी के अधिकारियों को एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये से ज्यादा वैल्यू के निवेश के बारे में बताना होता है। शेयर, डिबेंचर्स या म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में होने वाले निवेश की जानकारी देनी होती है। वहीं ग्रुप सी और डी कैटेगरी के अधिकारियों को एक वित्त वर्ष में 25,000 रुपये से ज्यादा के निवेश की जानकारी देना जरूरी है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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