India Economic Conclave 2024: इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2024 के पहले दिन 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इवेंट को संबोधित किया। उन्होंने इवेंट में कहा कि ग्लोबल मार्केट बहुत बड़ा है, कोविड की वजह से कुछ समस्या हुई मगर ग्लोबल ट्रेड जारी है। अगर हम कुछ और सुधार करते हैं तो इकोनॉमी के लिहाज से 2030 तक 9 ट्रिलियन का टारगेट हासिल करना संभव है।
लग्जरी कार की बिक्री धड़ल्ले से, साबुन-शैम्पू क्यों नहीं?
जब उनसे एक सवाल पूछा गया कि साबुन-शैम्पू मुश्किल से बिक रहा मगर लग्जरी कार की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है ऐसा क्यों हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि यह दिलचस्प सवाल है, हम अर्थशास्त्री हैं और हम आशावादी सोच के साथ चलते हैं कि कैसे हम ऊपर जा सकते हैं। यदि किसी कंपनी के तेल-साबुन नहीं बिक रहे तो यह इंडिविजुअल आइडिया है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि 10 सालों में काफी सुधार देखने को मिला है। जहां तक बात गरीबी हटाने की है तो यह बात नेहरू के समय से (1950) चली आ रही है। लेकिन पिछले 10 सालों में इकोनॉमी में काफी सुधार हुआ है। जब हम कहते हैं कि गरीब और गरीब, अमीर और अमीर होता है जा रहा है तो लोग इस पर बहुत ध्यान देते हैं लेकिन अमीर बनने वालों की संख्या में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जोकि अच्छा संकेत है।
10 साल के टारगेट के साथ शेयर मार्केट में करें निवेश
10 साल का निवेश टारगेट देते हुए अरविंद पनगढ़िया ने कहा आम निवेशक को इक्विटी या शेयर बाजार में निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे सोने में निवेश को प्रोत्साहित नहीं करते हैं, जबकि रियल एस्टेट में निवेश के लिए अधिक विशेषज्ञता और रिसर्च की जरूर होती है।
