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IEC 2024:साबुन-शैम्पू मुश्किल से बिक रहा मगर लग्जरी कार की बिक्री धड़ल्ले से क्यों? जानें क्या बोले 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया

India Economic Conclave 2024: इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2024 के पहले दिन, 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने अपने संबोधन में भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा और भविष्य के विकास पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ग्लोबल ट्रेड लगातार जारी है और कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी 2030 तक 9 ट्रिलियन डॉलर हो सकती है, बशर्ते कुछ और सुधार किए जाएं।

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इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2024 में अरविंद पनगढ़िया।

Photo : Times Now Digital

India Economic Conclave 2024: इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2024 के पहले दिन 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इवेंट को संबोधित किया। उन्होंने इवेंट में कहा कि ग्लोबल मार्केट बहुत बड़ा है, कोविड की वजह से कुछ समस्या हुई मगर ग्लोबल ट्रेड जारी है। अगर हम कुछ और सुधार करते हैं तो इकोनॉमी के लिहाज से 2030 तक 9 ट्रिलियन का टारगेट हासिल करना संभव है।

लग्जरी कार की बिक्री धड़ल्ले से, साबुन-शैम्पू क्यों नहीं?

जब उनसे एक सवाल पूछा गया कि साबुन-शैम्पू मुश्किल से बिक रहा मगर लग्जरी कार की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है ऐसा क्यों हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने कहा कि यह दिलचस्प सवाल है, हम अर्थशास्त्री हैं और हम आशावादी सोच के साथ चलते हैं कि कैसे हम ऊपर जा सकते हैं। यदि किसी कंपनी के तेल-साबुन नहीं बिक रहे तो यह इंडिविजुअल आइडिया है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि 10 सालों में काफी सुधार देखने को मिला है। जहां तक बात गरीबी हटाने की है तो यह बात नेहरू के समय से (1950) चली आ रही है। लेकिन पिछले 10 सालों में इकोनॉमी में काफी सुधार हुआ है। जब हम कहते हैं कि गरीब और गरीब, अमीर और अमीर होता है जा रहा है तो लोग इस पर बहुत ध्यान देते हैं लेकिन अमीर बनने वालों की संख्या में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जोकि अच्छा संकेत है।

10 साल के टारगेट के साथ शेयर मार्केट में करें निवेश

10 साल का निवेश टारगेट देते हुए अरविंद पनगढ़िया ने कहा आम निवेशक को इक्विटी या शेयर बाजार में निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे सोने में निवेश को प्रोत्साहित नहीं करते हैं, जबकि रियल एस्टेट में निवेश के लिए अधिक विशेषज्ञता और रिसर्च की जरूर होती है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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