बिजनेस

ब्राइटकॉम के खिलाफ SEBI का एक्शन, शेयर एलॉटमेंट में हेरा-फेरी का आरोप, शंकर शर्मा समेत कई निवेशकों पर भी कार्रवाई

SEBI's Action Against Brightcom: SEBI ने ब्राइटकॉम समूह और दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा के खिलाफ एक्शन लिया है। शंकर शर्मा को ब्राइटकॉम के शेयर बेचने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

Image

ब्राइटकॉम के खिलाफ सेबी की कार्रवाई

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • सेबी का ब्राइटकॉम के खिलाफ एक्शन
  • दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा पर भी कार्रवाई
  • शेयर एलॉटमेंट में हेरा-फेरी का आरोप

SEBI's Action Against Brightcom: मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ब्राइटकॉम समूह (Brightcom Group) और दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा (Shankar Sharma) के खिलाफ एक्शन लिया है। शंकर शर्मा को ब्राइटकॉम के शेयर बेचने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सेबी ने ब्राइटकॉम के खिलाफ दूसरा आदेश दिया है। इस नये आदेश के तहत सुरेश कुमार रेड्डी (Suresh Kumar Reddy) और नारायण राजू (Narayan Raju) को अगले निर्देश तक किसी भी निदेशक पद पर रहने से रोक दिया गया है।

बता दें कि रेड्डी ब्राइटकॉम ग्रुप के प्रमोटर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि राजू इसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर हैं। ब्राइटकॉम के इन अधिकारियों को निदेशक पद संभालने से रोकने के अलावा, सेबी ने उन्हें अगले निर्देश तक सिक्योरिटी मार्केट से भी प्रतिबंधित कर दिया है।

शेयर एलॉटमेंट में हेरी-फेरी का आरोप

न केवल रेड्डी और राजू बल्कि मार्केट के दिग्गज शंकर शर्मा और 21 अन्य लोगों और इंस्टिट्यूशन को भी अगली सूचना तक कंपनी के शेयरों का सेटलमेंट करने से रोक दिया गया है। ये आदेश एक जांच के बाद दिया गया है जिसमें पता चला है कि इन अधिकारियों ने शेयरों के तरजीही आवंटन (Preferential Allotment) में हेरा-फेरी की है।

वहीं शेयरों के तरजीही आवंटन में पैसों को एडजस्ट करने के लिए शेयर एप्लिकेशन की नकली रसीद जनरेट की गई हैं।

सबमिट किए फर्जी बैंक स्टेटमेंट

सेबी के होलटाइम मेंबर अश्वनी भाटिया ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि ब्राइटकॉम ग्रुप ने सेबी को जाली बैंक स्टेटमेंट जमा करके हेरा-फेरी को छिपाने का प्रयास किया। कंपनी और अधिकारियों के हेरा-फेरी में शामिल होने की बात सामने आने से कंपनी द्वारा जनता के सामने किए गए अलग-अलग खुलासों पर भी संदेह पैदा हुआ है।

कितने करोड़ का है मामला

बता दें कि ब्राइटकॉम ग्रुप ने चार मौकों पर तरजीही आधार पर वारंट/शेयर जारी किए थे और कुल 82 लोगों से 868 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसमें शंकर शर्मा भी शामिल थे। जबकि कंपनी ने दावा किया कि उसे कुल 56.65 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। बैंक खाते में एंट्रीज मेल नहीं खातीं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article