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Anil Ambani: अनिल अंबानी को शेयरहोल्डर्स ने दिया दिवाली गिफ्ट, 6000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने की दी मंजूरी

Anil Ambani: रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरधारकों ने शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिये 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की कंपनी के प्लान को मंजूरी दे दी है। इससे कंपनी की वित्तीय सेहत सुधरेगी और कर्ज के बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

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फंड जुटाने के लिए अनिल अंबानी को मिला रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शयेरहोल्डर्स का साथ

Photo : PTI

Anil Ambani: अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों पर लोगों की नजरें टिकी रहेंगी। क्योंकि शेयरधारकों ने कंपनी की प्रेफरेंशियल इश्यू और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 6,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्लान को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। कंपनी के एक्सचेंज फाइलिंग से मिली जानकारी के मुताबिक पोस्टल बैलेट के दौरान प्रस्तावों के पक्ष में 98% से अधिक वोट मिले जो इस कदम के लिए मजबूत समर्थन का संकेत है।

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रेफरेंशियल इश्यू डिटेल

पहले चरण में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 3,014 करोड़ रुपये का प्रेफरेंशियल इश्यू लॉन्च करेगा, जिसमें 240 रुपये प्रति शेयर पर 12.56 करोड़ इक्विटी शेयर या कनवर्टिबल वारंट ऑफर किए जाएंगे। राइज इनफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड के जरिये प्रमोटर 4.60 करोड़ शेयरों की सदस्यता लेकर 1,104 करोड़ रुपये का योगदान देंगे। इसके अलावा दो अन्य प्रमुख निवेशक- मुंबई स्थित फॉर्च्यून फाइनेंशियल एंड इक्विटीज सर्विसेज और ब्लैकस्टोन के पूर्व एक्जिक्यूटिव मैथ्यू साइरियाक के नेतृत्व वाली फ्लोरिंट्री इनोवेशन एलएलपी क्रमशः 1,058 करोड़ रुपये और 852 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। दोनों मिलकर कुल 7.96 करोड़ शेयर खरीदेंगे।

क्या है प्रेफरेंशियल इश्यू?

कंपनी एक्ट 1956 के सेक्शन 81 के तहत प्रेफरेंशियल इश्यू, लिस्टेड कंपनियों द्वारा चुनिंदा व्यक्तियों के ग्रुप को शेयरों या कनवर्टिबल सिक्योरिटीज का एक इश्यू है जो न तो राइट्स इश्यू है और न ही पब्लिक इश्यू है।

फंड जुटाने का प्लान

बोर्ड ने 19 सितंबर को फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। कुल 6,000 करोड़ रुपये में से 3,014 करोड़ रुपये शेयरों या कनवर्टिबल वारंट के प्रेफरेंशियल आवंटन के जरिये जुटाए जाएंगे, जबकि शेष 3,000 करोड़ रुपये QIP के जरिये से जुटाए जाने की योजना है।

बढ़ेगी नेटवर्थ, कम होगा कर्ज का बोझ

प्रिफरेंशियल इश्यू से रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की नेटवर्थ 9,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी की वित्तीय सेहत में काफी सुधार होगा। फंड के निवेश से कंपनी के कर्ज के बोझ को कम करने में भी मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में कंपनी मजबूत स्थिति में होगी। फंड जुटाने से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी के कारोबारी परिचालन को बढ़ाने में किया जाएगा, जिसमें सहायक कंपनियों और ज्वाइंट वेंचर में निवेश के साथ-साथ लॉन्ग टर्म की वर्किंग कैपिटल की जरुरतों को पूरा करना शामिल है।

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के स्टॉक का प्रदर्शन

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों ने कई समयावधियों में मजबूत रिटर्न दिया है। पिछले तीन महीनों में स्टॉक में 49.60% की वृद्धि हुई है, जो मजबूत शॉर्ट टर्म ग्रोथ को दर्शाता है। छह महीनों में यह 44.45% बढ़ा, जो निरंतर ऊपर की ओर गति को दर्शाता है। वर्ष-दर-वर्ष, रिलायंस इंफ्रा के शेयरों में 34.06% की वृद्धि हुई है जो 2024 में अपने पॉजिटिव रुझान को जारी रखता है। पिछले एक साल में स्टॉक में 66% से अधिक की वृद्धि हुई है, जो इसके मजबूत प्रदर्शन और बढ़ते निवेशक आकर्षण को दर्शाता है।

मंजरी कक्कड़ स्वतंत्र डायरेक्टर

फंड जुटाने की मंजूरी के अलावा शेयरधारकों ने मंजरी कक्कड़ को स्वतंत्र डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने के पक्ष में भी मतदान किया। बोर्ड में उनके शामिल होने से कंपनी के शासन मानकों में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की नेतृत्व टीम में मूल्यवान एक्सपर्ट जुड़ेंगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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