RBI On Paytm: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से दिग्गज फिनटेक कंपनी पेटीएम के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने वजहों का खुलासा किया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि पेटीएम जैसी संस्थाओं को नियमों का अनुपालन करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। फिर भी पालन नहीं करने पर रेगुलेटर को कार्रवाई करनी होती है। दास ने कहा कि अगर कोई इकाई विनियमन का अनुपालन कर रही है तो हमें कार्रवाई क्यों करनी चाहिए? हम एक जिम्मेदार रेगुलेटर हैं।
सभी पेमेंट बैंक को डरने की जरूरत नहीं
गवर्नर ने कहा कि पेटीएम के ऊपर हुए एक्शन से फिनटेक को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह एक्शन एक कंपनी से जुड़ा हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि हर किसी को पर्याप्त समय दिया जाता है। अगर नियमों को पालन किया गया होता तो कार्रवाई क्यों की जाती। पेटीएम संकट को लेकर आरबीई गवर्नर ने यह भी कहा कै कि जल्द ही FAQ जारी किया जाएगा।
इसलिए लिए लिया गया पेटीएम पर एक्शन
पर्याप्त समय के बाद भी जब नियमों के पालन नहीं होता है। तब जाकर एक्शन लिया जाता है। खामी जिस स्तर की होती है, एक्शन भी उसी स्तर का होता है। उन्होंने कहा कि सिस्टम को लेकर चिंता करने की कोई वजह नहीं है।
नियमों का पेटीएम ने किया था उल्लंघन
गौर हो कि रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) को अपने खातों और डिजिटल वॉलेट में 1 मार्च से नई जमाएं स्वीकार करने से रोक लगा दिया था। तब आरबीआई ने अपने नोटिस में कहा था कि निगरानी संबंधित खामियों और नियमों के गैर-अनुपालन की वजह से प्रतिबंध लगाया है।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर तीन करोड़ से ज्यादा खाते
कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक पेटीएम पेमेंट्स से 30 करोड़ से ज्यादा वॉलेट और 3 करोड़ बैंक खाते जुड़े हुए हैं। कंपनी ने कहा है कि उसने अब तक 80 लाख फास्टैग जारी किए हैं।
