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एग्री-टेक आधारित Start-Up में घटा निवेश, 2022-23 में आए 5868 करोड़ रु

Indian Agri-Tech Based Startups: एफएसजी को वित्त वर्ष 2023-24 में भी कृषि-प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप के निवेश में गिरावट आने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके बढ़ने की संभावना है।

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भारतीय कृषि-प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप में निवेश घटा

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KEY HIGHLIGHTS
  • भारतीय कृषि-प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप में घटा निवेश
  • वित्त वर्ष 2022-23 में आया 5868 करोड़ रु का निवेश
  • 2021-22 में आया था 10632 करोड़ रु का निवेश

Indian Agri-Tech Based Startups: वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के बीच भारतीय कृषि-प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप (Start Up) के निवेश में 45 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह वैश्विक ब्याज दरों में बढ़ोतरी और बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों का अधिक सावधान रहना माना जा रहा है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंसल्टेंसी कंपनी एफएसजी (FSG) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 से 2023 के बीच वैश्विक स्तर पर कृषि-प्रौद्योगिकी निवेश में 10 प्रतिशत की गिरावट आई है।

2024 में भी आ सकती है गिरावट

एफएसजी को वित्त वर्ष 2023-24 में भी कृषि-प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप के निवेश में गिरावट आने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि स्टार्टअप अगले वित्तीय वर्ष से निपटने के लिए लाभ बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे।

निवेशक हैं सतर्क

रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों के सतर्क रहने और अपने सीमित फंड को अच्छे से स्थापित बिजनेस मॉडल में लगाने की संभावना है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (एशिया प्रमुख) ऋषि अग्रवाल ने कहा कि निवेश की गतिशीलता में बदलाव वैश्विक आर्थिक रुझानों के प्रति भारतीय कृषि-प्रौद्योगिक क्षेत्र की संवेदनशीलता को उजागर करता है।

स्टार्टअप को अपने बिजनेस मॉडल को रिफाइंड करने और लाभप्रदता की ओर बढ़ने के लिए इस धीमी निवेश अवधि का इस्तेमाल करना चाहिए।

निवेश डील की संख्या बढ़ी

भारत में कृषि-तकनीकी स्टार्टअप द्वारा की गई वित्त वर्ष 2021-22 में निवेश डील्स की संख्या 121 से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 140 हो गई। मगर जुटाई गई कुल फंडिंग वित्त वर्ष 2021-22 में 10632 करोड़ रु से गिरकर वित्त वर्ष 2022-23 में 5868 करोड़ रु रह गई।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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