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अडानी का बिग कमबैक, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद पहली बिग डील, खरीदेगी सांघी सीमेंट्स कंपनी !

Ambuja-ACC To Acquire Sanghi Cements: अडानी ग्रुप समूह की अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी सांघी सीमेंट्स को खरीद सकती हैं। इन कंपनियों ने तेजी से डील पूरी करने का प्रस्ताव रखा है।

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अंबुजा-एसीसी सांघी सीमेंट का अधिग्रहण करेंगी

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • अडानी ग्रुप की बड़ी डील
  • खरीद सकती है सांघी सीमेंट्स
  • एसीसी-अंबुजा करेंगी डील

Ambuja-ACC To Acquire Sanghi Cements: पिछले एक हफ्ते के दौरान डील की बातचीत आगे बढ़ने के बाद अडानी ग्रुप (Adani Group) की अंबुजा-एसीसी (Ambuja-ACC) सांघी सीमेंट्स (Sanghi Cements) को खरीदने के लिए एक समझौते पर पहुंच गई हैं। अडानी ग्रुप समूह की कंपनियों ने बेहतर खरीदारी शर्तों और तेजी से डील पूरी करने का प्रस्ताव रखा है। गुरुवार सुबह स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी अंबुजा सीमेंट्स ने कहा कि वह 5000 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर सांघी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 56.74 फीसदी शेयर हासिल करेगी।

ये अडानी ग्रुप की हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद पहली बड़ी डील है। 5000 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर 56.74 फीसदी के हिसाब से ये डील करीब 2800 करोड़ रु की हो सकती है।

अंबुजा सीमेंट्स को होगा फायदा

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) ने इस मौके पर कहा कि यह ऐतिहासिक अधिग्रहण अंबुजा सीमेंट्स के तेज ग्रोथ के सफर में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

उन्होंने कहा कि सांघी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ हाथ मिलाकर, अंबुजा अपनी मार्केट प्रेजेंस का विस्तार और इसे मजबूत करने के लिए तैयार है। इस डील से कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो भी मजबूत होगा और ये कंस्ट्रक्शन मैटेरियल सेक्टर में प्रमुख कंपनी के रूप में अपनी स्थिति को बेहतर बनाएगी।

लिस्टेड कंपनी है सांघी इंडस्ट्रीज

सांघी सीमेंट का कंट्रोल रवि सांघी (Ravi Sanghi) के परिवार के पास है जो लिस्टेड कंपनी सांघी इंडस्ट्रीज के प्रमोटर हैं। गुरुवार 3 अगस्त को सांघी इंडस्ट्रीज के शेयर 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। आज कंपनी का शेयर बीएसई (BSE) पर 4.99 फीसदी की तेजी के साथ 105.76 रु पर है। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 2,732.06 करोड़ रु है।

जेके लक्ष्मी सीमेंट भी दौड़ में थी

दिल्ली स्थित जेके लक्ष्मी सीमेंट भी सांघी इंडस्ट्रीज को खरीदने की दौड़ में थी, लेकिन ये उतनी एंटरप्राइजेज वैल्यू ऑफर नहीं कर पाई, जितनी मांग की गई थी। इसके अलावा, इसने डील के लिए लगभग तीन महीने का समय मांगा, जिससे डील नहीं बन पाई। हालांकि इसने ने सांघी सीमेंट्स को खरीदने के लिए पैसा जुटाने के लिए यूरोपीय बैंकों से लोन लेने का इंतजाम किया था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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