बिजनेस

कम टैक्स के चक्कर नहीं कर पाएंगे बचत ! ज्यादा ब्याज का भी नहीं होगा फायदा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Feb 2, 2023, 07:06 PM IST

Budget 2023, Income Tax New Regime: नए टैक्स सिस्टम में 80 सी के तहत 1.50 लाख रुपये की मिलने वाली छूट नहीं मिलेगी। यानी पीपीएफ, ईपीएफ, बच्चों की एजुकेशन फीस, एचआरए और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के फायदे नहीं मिलेंगे। इसके अलावा 80 डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिलने वाली टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

Image

बचत से ज्यादा खर्च पर फोकस !

Budget 2023, Income Tax New Regime: बजट 2023-24 में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर मिडिल क्लास को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी राहत दे दी है। अब उसके पास कम टैक्स रेट पर जाने का विकल्प है। लेकिन नए टैक्स रिजीम में यह फायदे इस शर्त पर मिलेंगे कि आपको पोस्ट ऑफिस , इन्श्योंरेंस, होम लोन आदि पर मिलने वाली टैक्स छूट नहीं मिलेगी। ऐसे में साफ है कि अगर आप कम टैक्स देना चाहते हैं तो इस तरह की बचत और इंश्योरेंस जैसी सुरक्षा लेने का दबाव नहीं होगा।

टैक्स बचाने के चक्कर में हो जाती है बचत

नए टैक्स सिस्टम में 80 सी के तहत 1.50 लाख रुपये की मिलने वाली छूट नहीं मिलेगी। यानी पीपीएफ, ईपीएफ, बच्चों की एजुकेशन फीस, एचआरए और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के फायदे नहीं मिलेंगे। इसके अलावा 80 डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिलने वाली टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं होम लोन पर 2 लाख रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती हैं। इस तरह के फायदे भी नए टैक्स रिजीम में नहीं मिलेंगे।

जिन लोगों ने पुरानी टैक्स रिजीम को अपनाया हुआ है वह लोग टैक्स बचाने के लिए मजबूरी में पीपीएफ, इनश्योरेंस पॉलिसी आदि में निवेश करते हैं। और इसी उन्हें न केवल ज्यादा ब्याज मिलता है बल्कि हेल्थ, लाइफ इंश्योरेंस के जरिए आर्थिक सुरक्षा की गारंटी मिलती है।

सरकार क्या चाहती है

असल में नए टैक्स रिजीम में छूट पाने के लिए दी जाने वाली सुविधाओं को हटाने से सरकार की मंशा साफ है कि लोग इस तरह की बचत दबाव में नहीं करें। और उस पैसे को खर्च करें। जिससे इकोनॉमी में वह पैसा पहुंचे। और इकोनॉमी को रफ्तार मिले। सरकार के इस कदम के जरिए उन्हें फायदा पहुंचने वाला है जिनके ऊपर देनदारियां और बचत का दबाव कम हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article