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Old Unfit Vehicles: इन पुराने वाहनों पर गिरने वाली है गाज, ट्रैफिक पुलिस के हाथ लगे तो होंगे सीधे कबाड़

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Feb 2, 2023, 12:12 PM IST

नोएडा ट्रैफिक पुलिस 1 से 15 फरवरी तक एक मुहिम चला रही है जिसमें 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने वाहनों को सीज करने का काम किया जाएगा. इन सभी वाहनों के मालिकों को नोटिस भेज दिया गया है.

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जिन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी16 जेड से शुरू होता है वो 15 साल से पुराने हैं.

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • पुराने खस्ता हाल वाहनों की खैर नहीं
  • नोएडा में पकड़े गए तो होंगे कबाड़
  • 10 और 15 साल पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन

Noida Traffic Police Old Vehicles: नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने 15 दिनों की एक खास ड्राइव शुरू की है जहां 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को जब्त किया जाएगा. विभाग के एक अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक जिन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी16 जेड से शुरू होता है वो 15 साल से पुराने हैं. तो अगर आपके पास भी बताई गई सीमा से पुराना वाहन है तो गलती से भी इसे लेकर सड़क पर ना उतरें, नहीं तो नोएडा पुलिस आपको बड़ी रकम वाला चालान देने के अलावा आपका वाहन जब्त की लेगी और उसे कबाड़ होने के लिए भेज देगी. इनमें से कुछ फीसदी पुराने वाहन सरकारी भी हैं.

नोएडा में पुराने वाहन होंगे सीज

डीसीपी ट्रैफिक अनिल कुमार यादव ने मंगलवार को एक मीटिंग ली जिसमें केंद्र्र सरकार के अधिकारी भी मौजूद थे, इस मीटिंग में 1 से 15 फरवरी तक नोएडा ट्रैफिक पुलिस द्वारा ये फैसला लिया गया कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा. बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा आदेश जारी करने के बाद ये कदम उठाया गया है. ये भी बता दें कि एनजीटी ने 2014 और 2015 में इन वाहनों को बैन करने के आदेश दिल्ली के लिए जारी किए थे, हालांकि अक्टूबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी.

1 लाख से ज्यादा वाहन पुराने

विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध जिले के 1 लाख से ज्यादा वाहन 10 और 15 साल से पुराने हैं और फिट नहीं हैं. नोएडा ट्रैफिक विभाग ने इन सभी वाहन मालिकों को नोटिस भेजा है. इसी काम को अंजाम देने यानी वाहन को कबाड़ बनाने के लिए केंद्र सरकार पहले ही स्क्रैपेज नीति पेश कर चुकी है, इसमें पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर इंसेंटिव दिया जा रहा है. इससे ना सिर्फ प्रदूषण पर काबू पाया जा सकेगा, बल्कि बल्कि कम प्रदूषण फैलाने वाले बीएस6 वाहनों का चलन भी बढ़ेगा.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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