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Sambhal News: संभल में तनाव के बीच अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, शाही जामा मस्जिद इलाके में भी चलाया गया जांच अभियान

Sambhal: रविवार को संभल में सार्वजनिक स्थानों को अवैध ढांचों से मुक्त करने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया गया। इस बीच, उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 से बंद एक मंदिर को फिर से खोल दिया गया है। रविवार को मंदिर परिसर की सफाई की गई और बिजली की व्यवस्था की गई।

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संभल में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

Photo : ANI

Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल में चल रहे तनाव के बीच जिला प्रशासन ने रविवार को सार्वजनिक स्थानों को अवैध ढांचों से मुक्त करने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया। संभल की एसडीएम वंदना मिश्रा के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्रों में अतिक्रमण को दूर करना है और पिछले दो महीनों से चंदौली में भी इसे सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान पिछले दो महीनों से चंदौली में भी चलाया जा रहा है... संभल में भी बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले शनिवार सुबह शाही जामा मस्जिद इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान भी चलाया गया था।

धार्मिक स्थलों में हो रही बिजली चोरी- डीएम संभल

डीएम राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि सुबह हम यह जांचने आए थे कि कहीं लाउडस्पीकर से अनावश्यक शोर (प्रदूषण) तो नहीं हो रहा है। देखा गया कि यहां बड़ी संख्या में बिजली चोरी हो रही है। करीब 15 से 20 घरों और धार्मिक स्थलों में बिजली चोरी हो रही है। जब हम एक मस्जिद में पहुंचे तो वहां 59 पंखे, एक फ्रिज, एक वॉशिंग मशीन और करीब 25 से 30 लाइट प्वाइंट मिले और मीटर बंद मिला। सघन जांच अभियान चल रहा है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 से बंद एक मंदिर को फिर से खोल दिया गया है। रविवार को मंदिर परिसर की सफाई की गई और बिजली की व्यवस्था की गई। साथ ही सुरक्षा कारणों से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। नगर हिंदू सभा के संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी ने पहले दावा किया था कि मंदिर 1978 के बाद फिर से खोला गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर इसलिए बंद किया गया क्योंकि कोई पुजारी वहां रहने को तैयार नहीं था। संभल सर्किल ऑफिसर (एसओ) अनुज कुमार चौधरी ने पहले कहा था कि अतिक्रमण की सूचना का निरीक्षण करते समय उन्हें एक मंदिर मिला। चौधरी ने शनिवार बताया कि हमें सूचना मिली थी कि इलाके में एक मंदिर पर अतिक्रमण किया जा रहा है। जब हमने मौके का निरीक्षण किया, तो हमें वहां एक मंदिर मिला। इस बीच, 1978 के बाद फिर से खोले गए भगवान शिव और हनुमान मंदिर के बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया और रविवार सुबह एक प्रार्थना समारोह (आरती) किया गया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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