Second Hand Cars: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कार बाजार संचालकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए पहली अप्रैल से नए नियम लागू हो जाएंगे। शोरूम डीलरों की तर्ज पर सेकेंड हैंड कार बाजार संचालकों को भी परिवहन विभाग से ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी होगा। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की तरफ से उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग को गाइडलाइन भेज दी गई है। कार बाजार से अनधिकृत रूप से हो रही वाहनों की खरीद फरोख्त की शिकायतों के चलते यह फैसला लिया गया है। लखनऊ समेत यूपी के कार बाजार एक अप्रैल से परिवहन विभाग के नियंत्रण में आ जाएंगे। जबकि कार बाजार संचालक अभी तक पुराने वाहनों को खरीद कर उन्हें बेचते हैं, जिसमें विभाग की भूमिका सिर्फ गाड़ियों के ट्रांसफर और आरटीओ में पंजीकरण तक ही सीमित थी।
इसके अलावा, कार बाजार संचालक वाहन खरीदने और बेचने वाले यानि दोनों पार्टियों से कमीशन लेते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान इनका व्यवसाय काफी अच्छा चला था। ऐसे में अब इन्हें नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है।
