Middle East Crisis: मध्य पूर्व में बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच अब कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ जहां सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाकर किए गए हूती विद्रोहियों के बैलिस्टिक मिसाइल हमले को हवा में ही ध्वस्त कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी 7 शर्तें कतर के माध्यम से वाशिंगटन भेजी हैं। इस बीच गाजा और दक्षिणी लेबनान में इजराइल की ओर से एयरस्ट्राइक का सिलसिला जारी रहा।
रियाद पर हूतियों का बड़ा मिसाइल हमला नाकाम
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने शनिवार सुबह पुष्टि की कि यमन के ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का प्रयास किया, जिसे रक्षा प्रणाली ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। रियाद के निवासियों ने तड़के जोरदार धमाके सुने और बाद में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। हालांकि, किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने रियाद के "संवेदनशील ठिकानों" और रेड सी पोर्ट स्थित अरामको तेल रिफाइनरी पर क्रूज मिसाइलों व ड्रोन से हमला किया। इसके अलावा ताइफ, बैश और फरासान में भी हमलों की कोशिश की गई, जिन्हें सऊदी बलों ने नाकाम कर दिया।
ईरान ने वाशिंगटन को भेजीं 7 शर्तें; 'निर्णायक युद्ध' की चेतावनी
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने अल जजीरा को बताया कि तेहरान ने कतर के मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को युद्ध समाप्त करने के लिए 7 शर्तें सौंपी हैं और अब उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार है। ईरान की प्रमुख शर्तों में सभी मोर्चों (गाजा, लेबनान, यमन आदि) पर युद्ध तुरंत बंद करने, अमेरिका द्वारा जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को बहाल करने और ईरानी बंदरगाहों और समुद्री मार्गों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की बात है। रेजाई की चेतावनी है कि अगर वाशिंगटन युद्ध के दलदल से निकलना चाहता है तो उसे हमारी शर्तें माननी होंगी। अगर ट्रंप हमारी मांगें खारिज करते हैं, तो हम निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
होर्मुज की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ बाब अल-मंदेब की स्थिति
अहम समुद्री मार्ग होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के एड्मिरल ब्रैड कूपर ने दावा किया कि अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान का तेल निर्यात शून्य हो गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मॉनिटर्स का कहना है कि व्यापार और तेल टैंकरों की आवाजाही हो रही है औक अभी युद्ध-पूर्व स्तर से बेहद कम है। इसको लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशहाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात कर कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति बहाल करने की अपील की।
गाजा और लेबनान में इजराइली हमले
दूसरी ओर गाजा शहर के शिजाइया और जबालिया शरणार्थी शिविर में इजराइली हमलों में 3 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। इजराइल रक्षा बलों (IDF) का कहना है कि उन्होंने हमास के सैन्य कैडरों को निशाना बनाया था। दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना की गाड़ी के आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने से दो सैनिक घायल हो गए। इसके जवाब में इजराइली वायुसेना ने नबातीये अल-फौका समेत दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर भीषण बमबारी की।
