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'सऊदी अरब के लिए किसी भी हद तक जाएंगे', हूतियों के हमलों के बीच PAK सेना का बड़ा बयान, क्या जंग में उतरेंगे मुनीर?

पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने गुरुवार को अरब न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इस्लामाबाद सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'दोनों पवित्र स्थलों और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए हम किसी भी हद तक जाएंगे।

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सऊदी अरब पर हूतियों ने किए हैं हमले।

Photo : AP

Pakistan News: यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच पाकिस्तानी सेना ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता दिखाई है। पाकिस्तानी सेना ने जोर देकर कहा है कि सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी और 'राजनयिक एवं भौतिक' रूप दोनों के जरिए वह रियाद का समर्थन करेगा। बता दें कि हाल के दिनों में हूतियों ने सऊदी अरब के कई ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। सऊदी का आरोप है कि पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाकर हूतियों ने हवाई हमला किया था जिसे उसने निष्क्रिय कर दिया।

'मक्का पैक्ट' में शामिल हैं 3 देश

हालांकि, हूती विद्रोहियों ने मक्का पर हमले के आरोप को खारिज किया है। हूतियों के हमलों के बाद सवाल पूछा जा रहा है कि इन हमलों के बाद क्या 'मक्का पैक्ट' लागू होगा क्योंकि यह समझौता किसी एक देश पर हमला होने पर इस गुट में शामिल सभी देशों पर हमला मानता है। 'मक्का पैक्ट' में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये शामिल हैं।

'सुरक्षा के लिए हम किसी भी हद तक जाएंगे'

पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने गुरुवार को अरब न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इस्लामाबाद सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'दोनों पवित्र स्थलों और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए हम किसी भी हद तक जाएंगे। पाकिस्तान कूटनीतिक और भौतिक, दोनों रूप से सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है।' उनकी यह टिप्पणी उस घटना के बाद आई है, जब सऊदी अरब ने इस सप्ताह की शुरुआत में मक्का के पास एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी थी। रियाद के अनुसार, ड्रोन को पवित्र शहर में प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही दक्षिणी क्षेत्र में नष्ट कर दिया गया।

पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाया-हूती

हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि समूह ने इस्लामिक पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने कहा कि हूती के अभियान सऊदी तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों के खिलाफ थे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ इससे पहले कह चुके हैं कि पिछले महीने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तहत इस्लामाबाद की जिम्मेदारियों को लेकर 'बिल्कुल कोई अस्पष्टता नहीं' है।

मक्का समझौता हम पर लागू होता है-PAK

बुधवार को जियो न्यूज बात करते हुए आसिफ ने कहा, 'मक्का समझौता हम पर लागू होता है और हम अपना कर्तव्य निभाएंगे।' उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के पवित्र स्थलों की रक्षा करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी समझौते से अलग भी है। आसिफ ने कहा, 'अगर मक्का पर हमला होता है, तो उसकी रक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है।' उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत यदि इसके तीनों हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी की क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो सामूहिक रक्षा का प्रावधान लागू होगा।

क्या पाकिस्तान देगा सैन्य प्रतिक्रिया?

हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान की संभावित सैन्य प्रतिक्रिया का विवरण बताने से इनकार किया और कहा कि ऐसे मामलों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जाएगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी अरब के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि इस्लामाबाद रियाद के साथ 'कंधे से कंधा मिलाकर' खड़ा है। उन्होंने कथित ड्रोन हमले के प्रयास की निंदा की, इसे 'कायरतापूर्ण और जघन्य प्रयास' बताया और संयम बरतने का आह्वान किया।

7 अगस्त को मक्का में समझौते पर हस्ताक्षर

मक्का समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए थे। यह त्रिपक्षीय समझौता ऐसे समय में हुआ है जब पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। इसमें अमेरिका और ईरान से जुड़े संघर्ष तथा ईरान समर्थित हूती बलों के हमले भी शामिल हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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