अकेलापन हर किसी को सताता है। चाहे वह इंसान हो या फिर जानवर, अकेले हो जाने के बाद किसी का भी जीवन नीरस हो जाता है। इसी अकेलेपन से जूझने वाले एक नन्हे हाथी की कहानी इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। जिसने लोगों के दिल को छू लिया। हाल में कुछ दिन पहले जापान के चिड़ियाघर में रहने वाले पंच नाम के बंदर की कहानी वायरल हुई थी, जिसने सोशल मीडिया को रुलाकर रख दी थी। ठीक वैसे ही इस नन्हे हाथी की भी स्टोरी बहुत इमोशनल है। फिलहाल इस नन्हे हाथी का एक वीडियो (Video) सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसे देख लोग भावुक हो गए।
साल 2015 में अनाथालय लाया गया था यह नन्हा हाथी
इस वीडियो (Video) को सोशल साइट एक्स पर @TheFigen_ नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसके कैप्शन में इस नन्हे हाथी की स्टोरी को भी शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि यह घटना थुला थुला राइनो ऑरफेनेज का है। जहां साल 2015 में एक छोटे से हाथी को लाया गया था। इस नन्हे हाथी का नाम एल्ली (Ellie) है। वीडियो के कैप्शन में आगे बताया गया है कि एल्ली (Ellie) को उसके झुंड ने उसे छोड़ दिया था। वह जंगल में अकेले भटक रहा था। ऐसे में जंगल में अकेले उसका बच पाना बहुत ही कठीन था, जिसके बाद उसे जानवरों के इस अनाथालय में लाया गया।
झुंड का साथ छूटने से उदास रहने लगा था हाथी
एल्ली को अनाथालय में लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज तो किया लेकिन वह अंदर से बहुत ही टूट चुका था। वह उदास रहने लगा, खाना-पीना छोड़ दिया और जीने की इच्छा भी खो बैठा। बता दें कि हाथी इंसानों की तरह ही एक सामाजिक प्राणी है। वे हमेशा अपने परिवार और झुंड के साथ रहना पसंद करते हैं। ऐसे में हाथियों को अकेलापन कुछ ज्यादा ही प्रभावित करता है। एल्ली के अनाथालय में आने के बाद उसकी जिंदगी में दुमा (Duma) नाम का एक जर्मन शेफर्ड कुत्ता आया। जिसके बाद तो मानो एल्ली का जीवन बदल सा गया। दुमा उसके जीवन में किसी एंजेल की तरह आया था। जिसने उसकी सारी खुशियां फिर से लौटा दी।
जीवन में खुशियां लेकर आया एक कुत्ता
जब दुमा और एल्ली की मुलाकात पहली बार हुई, तो कुछ ही समय में एल्ली का व्यवहार बदल गया। वह दुमा को पसंद करने लगा। वह उसके साथ फिर से खेलने लगा, खुश रहने लगा और धीरे-धीरे उसकी उदासी कम हो गई। इस वायरल वीडियो (Viral Video) में दोनों को साथ खेलते, मस्ती करते और समय बिताते देखा जा सकता है। दुमा ने एल्ली को यह एहसास दिलाया कि वह अकेला नहीं है। उसके लिए उसका दोस्त हमेशा उसके साथ खड़ा है। हालांकि बाद में एल्ली अपनी बीमारी की वजह से ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाया, लेकिन अपने छोटे से जीवन में उसने दुमा के साथ खुशी के कई पल जी लिए।
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