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यात्री ने बुजुर्ग के लिए बस में छोड़ी अपनी सीट, फिर बूढ़े शख्‍स ने जो बताया सुनकर आप भी हो जाएंगे इमोशनल

Viral News: यूजर ने बताया कि, 'मैं काम से वापस आ रहा था, थका हुआ था और किसी भी चीज़ के मूड में नहीं था और मैं बहुत भीड़ भरी बस में चढ़ गया। मुझे एक खाली सीट मिली और मैं बैठ गया। थोड़ी देर बाद, एक बुजुर्ग व्यक्ति बस में चढ़ा और वह थका हुआ लग रहा था और खड़ा था।'

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बुजुर्ग के लिए शख्‍स ने छोड़ी सीट।

Viral News: सोशल मीडिया पर इन दिनों दिल को छू लेने वाली एक कहानी काफी वायरल हो रही है। इस कहानी ने यूजर्स के दिल को तो छुआ ही साथ ही उनको इमोशनल भी कर दिया। रेडिट यूजर, moamen12323 ने भीड़ भरी बस में एक बुजुर्ग व्यक्ति के लिए अपनी सीट छोड़ने को लेकर एक पोस्ट शेयर की। यूजर ने भीड़ भरी बस में काम से घर लौटने के दौरान होने वाली थकान को याद किया। बताया कि, इस बीच जब थके हुए बुजुर्ग बस में चढ़े तो उनको खड़े रहने में तकलीफ हो रही थी। उसके बाद उन्‍होंने (यूजर ने) अपनी सीट छोड़ दी। जब उन्होंने छोटी-छोटी बातें कीं, तो बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि वह चार दिनों से किसी से बात नहीं कर रहा था और उसे सुनने के लिए किसी की सख्त जरूरत थी। इससे प्रभावित होकर, यूजर ने तब तक ध्यान से सुना जब तक कि वह व्यक्ति बस से उतर नहीं गया, उनके दयालुता के सरल कार्य के गहन प्रभाव से प्रभावित हुआ।

यूजर ने बताया कि, 'मैं काम से वापस आ रहा था, थका हुआ था और किसी भी चीज़ के मूड में नहीं था और मैं बहुत भीड़ भरी बस में चढ़ गया। मुझे एक खाली सीट मिली और मैं बैठ गया। थोड़ी देर बाद, एक बुजुर्ग व्यक्ति बस में चढ़ा और वह थका हुआ लग रहा था और खड़ा था। बिना सोचे-समझे, मैं उठा और उसे अपनी सीट दे दी। उसने एक साधारण मुस्कान के साथ मुझे धन्यवाद दिया, और थोड़ी देर बाद, वह मुझसे बात करने लगा। उसने मेरे काम के बारे में पूछा और जीवन कैसा चल रहा है। हम सामान्य रूप से बात कर रहे थे, और मुझे लगा कि वह एक दयालु और शांत व्यक्ति है। अचानक, उन्‍होंने कहा कि, वे चार दिनों से किसी से बात नहीं कर पाए हैं और उनको कोई चाहिए था जो उनकी बात सुन सके। इससे मुझ पर बहुत असर पड़ा। मैं जवाब नहीं दे सका, लेकिन जब तक वह चला नहीं गया, मैं सुनता रहा। मुझे एहसास हुआ कि कैसे छोटे-छोटे इशारे किसी के दिन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। क्या आपके साथ कभी ऐसा कोई छोटा-सा पल आया है, जिसने आपका दिन बदल दिया हो? या किसी ऐसी चीज़ के बारे में आपका नज़रिया बदला हो, जिसे आप सामान्य समझते थे?'

रेडिट यूजर की ये पोस्‍ट काफी वायरल हुई। यूजर की दयालुता और सहज स्‍वभाव पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि, 'काश और लोग आपके जैसे होते। दुनिया बहुत बेहतर जगह होती। आशा है कि आपका सप्ताहांत शानदार रहे।' दूसरे ने कहा कि, 'मैं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करता हूं। वृद्ध रोगियों को हमेशा मेरी ओर से थोड़ी अतिरिक्त देखभाल मिलती है, क्योंकि मुझे पता है कि मैं उन कुछ लोगों में से एक हो सकता हूं जिनसे वे उस दिन बात करेंगे। मेरा लक्ष्य उन्हें कम से कम एक बार हंसाने की कोशिश करना है।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'यही कारण है कि मैं किराने की दुकान, डाकघर आदि में बुजुर्गों से बात करता हूं, भले ही बात मौसम की ही क्यों न हो। इससे कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि शायद मदद भी मिलती है।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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