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RSS शताब्दी वर्ष का दिल्ली में होगा भव्य समापन, मोहन भागवत स्वयंसेवकों को करेंगे संबोधित

RSS की ओर से शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में सामाजिक समरसता, परिवार मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

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RSS शताब्दी वर्ष का दिल्ली में होगा भव्य समापन।

Photo : PTI

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष का समापन कार्यक्रम 29 नवंबर को राजधानी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को संघ प्रमुख मोहन भागवत संबोधित करेंगे। समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के जुटने की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, समापन समारोह में मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के अगले 100 वर्षों की दिशा, भविष्य की प्राथमिकताओं और संगठन की भूमिका पर अपनी बात रख सकते हैं। कार्यक्रम को संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में चलाए गए विभिन्न अभियानों और गतिविधियों के समापन के तौर पर देखा जा रहा है।

RSS की ओर से शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में सामाजिक समरसता, परिवार मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

संघ की ओर से शताब्दी वर्ष के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को लेकर जनजागरण अभियान भी चलाए गए।अब 29 नवंबर को दिल्ली में होने वाला समापन कार्यक्रम शताब्दी वर्ष की गतिविधियों का प्रमुख पड़ाव होगा। इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन पर विशेष नजर रहेगी, जिसमें संघ के आगामी वर्षों के रोडमैप और प्राथमिकताओं को लेकर संकेत मिलने की संभावना है।

इससे पहले, भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आरएसएस स्वयंसेवकों की एक सभा को संबोधित करते हुए संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने जाति आधारित भेदभाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोग भारत माता की संतान और ईश्वर की संतान हैं, इसलिए मनुष्यों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। वे भोपाल में संघ के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान होसबोले ने कहा कि जन्म के आधार पर भेदभाव हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है। जाति के नाम पर समाज में होने वाले अलग-अलग तरह के बुरे व्यवहार से समाज कमजोर और खोखला होता है। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से राष्ट्र के बारे में सोचने वाले लोगों को इसकी शुरुआत अपने व्यवहार, जीवन और घर से करनी होगी। उन्होंने कहा कि हम जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करेंगे। यह हिंदू समाज पर एक कलंक है और हमें इस कलंक से मुक्त होना होगा।

Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारीauthor

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।

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