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मेघालय की बेटियों ने ऐसे गाया 'वंदे मातरम', गाना सुनकर मंत्रमुग्ध हो जाएंगे आप, यूजर्स बोले - दमदार परफॉर्मेंस है

मेघालय की लड़कियों ने 'वंदे मातरम' गाकर शिलांग के जेएन स्टेडियम में AFC एशियाई कप क्वालीफायर मैच के दौरान शानदार प्रस्तुति दी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, और नेटिजन्स ने IPL 2025 में परफॉर्म करने का अनुरोध किया।

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मेघालय की लड़कियों ने गाया 'वंदे मातरम' गाना (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • मेघालय की लड़कियों ने गाया गाना
  • 'वंदे मातरम' गाकर जीता सबका दिल
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Meghalaya Girls Sing Vande Mataram: मेघालय की बेटियों ने हाल ही में 'मां तुझे सलाम' (वंदे मातरम) गाकर इंटरनेट पर धूम मचा दी है। इन लड़कियों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली थी कि यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। उन्होंने यह अभूतपूर्व प्रदर्शन शिलांग जेएन स्टेडियम में भारत-बांग्लादेश के बीच आयोजित AFC एशियाई कप क्वालीफायर मैच के दौरान किया। इस आयोजन ने न केवल खेल के प्रेमियों का ध्यान खींचा, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी जागरूक किया।

इन बेटियों ने अपनी आवाज और ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके हृदयस्पर्शी गाने ने वहां मौजूद सभी लोगों के दिलों में देश प्रेम की एक नई लहर पैदा की। नागालैंड के पर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट 'alongimna' पर इस अद्भुत प्रस्तुति का एक वीडियो शेयर किया और लिखा, "Waaoow!" उनका यह बयान इस बात का संकेत था कि इस प्रदर्शन ने न केवल उन्हें, बल्कि पूरे देश को प्रभावित किया है।

मेघालय की लड़कियों ने गाया 'वंदे मातरम' गाना

इंटरनेट पर इस प्रदर्शन की चर्चा तेजी से बढ़ी, और नेटिजन्स ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से आग्रह किया कि इन लड़कियों को IPL 2025 के फाइनल के दौरान परफॉर्म करने का मौका दिया जाए। यह सुझाव यह दर्शाता है कि कैसे खेल और संगीत एक साथ मिलकर राष्ट्रीय एकता और भावनाओं को मजबूत कर सकते हैं। इस प्रकार, मेघालय की इन बेटियों ने न केवल अपने राज्य का बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनकी प्रस्तुति ने सभी को यह एहसास कराया कि संगीत में भी देशभक्ति की एक अनूठी ताकत होती है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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