अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर टिप्पणी की है। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि युद्ध की वजह से रूस की डीजल तेल इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है और देश ने इस सेक्टर पर अपना नियंत्रण खो दिया है। उन्होंने कहा कि रूस की बड़ी संख्या में डीजल रिफाइनरियों पर हमले हुए हैं और वे फिलहाल काम नहीं कर रही हैं।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि रूस की कई डीजल रिफाइनरियां “उड़ा दी गई हैं” और कम से कम अस्थायी तौर पर बंद हैं। उन्होंने इसी संदर्भ में रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की अपील करते हुए इसे “कभी खत्म न होने वाला युद्ध” बताया।
‘हर महीने 25 हजार लोगों की जान जा रही’
ट्रंप ने दावा किया कि इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर महीने करीब 25,000 लोग, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं, मारे जा रहे हैं। हालांकि, यह संख्या ट्रंप के बयान में दिया गया दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़े के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि रूस का यूक्रेन के खिलाफ युद्ध और “सामान्य समझ के खिलाफ युद्ध” खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्ध का असर जानमाल के नुकसान के अलावा शहरों और गांवों की तबाही, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ा है।
जेलेंस्की ने कहा कि पूर्ण पैमाने पर रूसी हमले की शुरुआत से ही युद्ध के परिणाम लगातार बढ़ते गए हैं। उनके मुताबिक, तकनीक के क्षेत्र में भी युद्ध ने तेजी से बदलाव किया है, जिसमें स्वायत्त ड्रोन और लंबी दूरी की मारक क्षमताओं का विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि युद्ध का हर नया सप्ताह और हर नया साल समस्याओं को और बढ़ा रहा है।
‘यूक्रेन ने शुरू से शांति की कोशिश की’
जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन ने युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआत से ही कूटनीतिक प्रयास किए हैं और शांति का रास्ता तलाशने के लिए कई प्रस्ताव दिए हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ऐसा समाधान चाहता है, जिसमें सम्मान के साथ युद्ध समाप्त हो, सुरक्षा की गारंटी मिले और भविष्य में रूस की ओर से नए हमले रोके जा सकें।
उन्होंने बताया कि फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत जारी है। जेलेंस्की के मुताबिक, तनाव कम करने के लिए कुछ विचारों पर चर्चा हो रही है और इन्हें आगे बढ़ाने की संभावनाएं मौजूद हैं।
ऊर्जा और खाद्य ढांचे पर हमले रोकने की बात
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन का ऊर्जा क्षेत्र, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा और खाद्य निर्यात रूस के निशाने पर नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर इन क्षेत्रों पर हमले रोकने की दिशा में कदम उठते हैं तो यूक्रेन भी उसके अनुरूप तनाव कम करने वाले कदम उठा सकता है।
