दिल्ली में साउथ जिले की साइबर थाने की पुलिस ने APK बेस्ड साइबर फ्रॉड करने वाले एक बड़े ऑर्गेनाइज्ड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अहमदाबाद, गुजरात से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 11 क्रेडिट कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह मामला विकास कुमार की शिकायत से शुरू हुआ था, जिन्होंने बताया कि उन्हें एक SMS में आए फर्जी लिंक के जरिए 6,57,715 रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। इस पर 21 मई 2026 को साइबर साउथ थाने में e-FIR नंबर 309/2026, धारा 318(4) BNS के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने मनी ट्रेल, बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी सबूतों की जांच की और 6.57 लाख में से 4 लाख रुपये का पता लगाया जो दो ट्रांजैक्शन के जरिए दो क्रेडिट कार्ड में गए थे। जांच के बाद अहमदाबाद से मोहम्मद इस्माइल अंसारी, शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद को पकड़ा गया।
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फर्जी ट्रांजैक्शन के लिए क्रेडिट कार्ड का इंतजाम
आरोपी मोहम्मद इस्माइल अंसारी ,अहमदाबाद निवासी, IDBI बैंक का कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, जिसने साइबर फ्रॉड के पैसे को रूट करने के लिए कई क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए। इसके अलावा आरोपी शेख मोहम्मद नुरेन, अहमदाबाद निवासी, कमीशन के आधार पर फर्जी पैसों को रूट करने के लिए क्रेडिट कार्ड सप्लाई करता था। साथ ही आरोपी तारिक अहमद, अहमदाबाद निवासी, फर्जी ट्रांजैक्शन के लिए क्रेडिट कार्ड का इंतजाम करता था।
गैंग लोगों को फर्जी मैसेज भेजकर APK फाइल इंस्टॉल करवाता था
गैंग लोगों को फर्जी मैसेज भेजकर APK फाइल इंस्टॉल करवाता था। इस खतरनाक ऐप से आरोपियों को पीड़ितों के मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच मिल जाती थी और फिर उनके खाते से पैसे उड़ा लिए जाते थे।
आरोपी वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए दूसरे हैंडलर्स से जुड़े थे
तकनीकी जांच में सामने आया है कि आरोपी वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए दूसरे हैंडलर्स से जुड़े थे, जिनमें से कुछ नंबर अमेरिका से लिंक हैं। ठगी के पैसे को USDT यानी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था। अमेरिका में बैठे हैंडलर्स की भूमिका की जांच जारी है।
