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अब ट्रैफिक के हिसाब से तय होगी हाई-स्पीड हाईवे की चौड़ाई, NHAI ने जारी की नई गाइडलाइन, जानें क्या होंगे बदलाव

नई गाइडलाइन में हाईवे के महत्वपूर्ण जंक्शन को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। जहां हाई-स्पीड हाईवे का संपर्क किसी एक्सप्रेसवे,नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे से होगा, वहां जरूरत के अनुसार इंटरचेंज और रैंप विकसित किए जाएंगे।

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NHAI ने जारी किए नए नियम।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे के निर्माण को लेकर नए मानक तय किए हैं। ये नियम एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नई गाइडलाइन बताया है कि फोर और सिक्स लेन वाले नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाईवे की डिजाइन,चौड़ाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक समान मानक अपनाए जाएंगे।

ट्रैफिक के हिसाब से तय होगी हाईवे की चौड़ाई

नए मानकों के हिसाब से सड़क की चौड़ाई वाहनों की संख्या के आधार पर निर्धारित की जाएगी। 15 हजार तक वाहनों वाले 4-लेन हाईवे के लिए 60 मीटर चौड़ाई तय की गई है। वहीं, 15 हजार से 25 हजार वाहनों वाले हाईवे की चौड़ाई 70 मीटर रखी जाएगी। इसी तरह 25 हजार से 40 हजार वाहनों के ट्रैफिक वाले 6-लेन हाईवे के लिए भी 70 मीटर चौड़ाई का मानक निर्धारित किया गया है। इससे सड़क की क्षमता को उस पर पड़ने वाले ट्रैफिक के अनुरूप रखने में मदद मिलेगी।

बड़े जंक्शन पर बनेंगे इंटरचेंज और रैंप

नई गाइडलाइन में हाईवे के महत्वपूर्ण जंक्शन को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। जहां हाई-स्पीड हाईवे का संपर्क किसी एक्सप्रेसवे,नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे से होगा, वहां जरूरत के अनुसार इंटरचेंज और रैंप विकसित किए जाएंगे।

इसके अलावा पोर्ट, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स पार्क और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए भी इंटरचेंज की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य हाई-स्पीड ट्रैफिक को स्थानीय यातायात से अलग रखते हुए प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक सुगम पहुंच उपलब्ध कराना है।

अनधिकृत एंट्री रोकने के लिए बाउंड्री वॉल

हाई-स्पीड हाईवे पर सुरक्षा के लिए सड़क के किनारे एक मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल बनाने का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद अनधिकृत प्रवेश, अतिक्रमण और आवारा पशुओं को हाईवे पर आने से रोकना है। इसके साथ ही हाईवे पर प्रवेश और निकास वाले स्थानों की जानकारी वाहन चालकों को पहले से देने के लिए अतिरिक्त साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे ड्राइवरों को समय रहते अपनी लेन और रूट बदलने का संकेत मिल सकेगा।

अलग-अलग DPR में अलग थे मानक

NHAI की नई गाइडलाइन की जरूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे के लिए पहले अलग से एक समान मानक उपलब्ध नहीं थे। परिणामस्वरूप अलग-अलग परियोजनाओं की डीपीआर में डिजाइन और तकनीकी मानकों को लेकर अंतर देखने को मिलता था।

NHAI की गाइडलाइन एक नजर में

  • एक्सप्रेसवे को छोड़कर हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे के लिए नए मानक तय
  • 4 और 6 लेन वाले नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाईवे पर लागू होंगे नियम
  • हाईवे की चौड़ाई ट्रैफिक के हिसाब से तय होगी
  • 15 हजार तक वाहनों वाले 4-लेन हाईवे की चौड़ाई 60 मीटर होगी
  • 15 से 25 हजार वाहनों वाले हाईवे की चौड़ाई 70 मीटर होगी
  • 25 से 40 हजार वाहनों वाले 6-लेन हाईवे की चौड़ाई भी 70 मीटर होगी
  • एक्सप्रेसवे, NH और SH से जुड़ने वाले प्रमुख जंक्शन पर इंटरचेंज और रैंप बनेंगे
  • पोर्ट, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी इंटरचेंज
  • अनधिकृत प्रवेश, अतिक्रमण और आवारा पशुओं को रोकने के लिए 1 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल
  • एंट्री-एग्जिट की पहले जानकारी देने के लिए अतिरिक्त साइन बोर्ड लगाए जाएंगे
  • अभी ऐसे हाई-स्पीड हाईवे के लिए अलग और एक समान मानक नहीं थे
  • अलग-अलग DPR में अलग-अलग मानकों का इस्तेमाल हो रहा था
  • नई गाइडलाइन से तकनीकी और सुरक्षा मानकों में एकरूपता आएगी
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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